बता दें कि 30 जुलाई को वह हेड कॉन्स्टेबल पद से प्रमोट होकर ASI बने थे। वहीं, 31 जुलाई को ही रिटायर हो गए। घटना के बाद ASI के परिवार वालों ने कोतवाली में हंगामा किया। मौके पर सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें दो लोगों द्वारा प्रताड़ित करने की बात लिखी है।
गुना/मध्यप्रदेश।
दिनांक 31 जुलाई को रिटायर्ड हुए असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर रमेश चंद शर्मा का शव सिटी कोतवाली परिसर
में लगे वायरलेस टावर पर बुधवार को शव फांसी पर झूलता हुआ मिला है। श्री शर्मा मंगलवार को घर से कोतवाली के लिए निकले थे, और बुधवार को उनका शव मिला है। बताया गया है कि उनके पास एक डायरी भी थी। पुलिस ने उनका मोबाइल जप्त कर लिया है। उधर, सूचना पर कोतवाली TI मदन मोहन मालवीय और CSP आकाश अमलकर मौके पर पहुंच गए। FSL अधिकारी ने मौका मुआयना किया। उनके सामने ही शव नीचे उतारा गया।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर रमेश चंद शर्मा (62) 31 जुलाई को रिटायर हुए थे। 1 अगस्त को सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनका सम्मान किया गया था। मंगलवार दिनांक 3 अगस्त को फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित अपने घर से कोतवाली के लिए रवाना हुए थे लेकिन वापस नहीं आए। उनकी बाइक भी कोतवाली में ही मिली है। बुधवार को कोतवाली की तरफ से परिवार को बताया गया कि थाना परिसर में लगे हुए टावर पर उनका शव लटका हुआ है। बताया गया है कि मंगलवार को कोतवाली पहुंचने से पहले श्री शर्मा कैंट थाने भी गए थे।
पुलिस पर आरोप जप्त तक डायरी और मोबाइल के बारे में परिवार को नहीं बताया
एडिशनल एसपी टीएस बघेल का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद रमेशचंद शर्मा की विदाई पार्टी भी हुई थी। सूचना के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। परिजनों से भी पूछताछ नहीं हो पाई है। कुछ दस्तावेज मिले हैं। इनकी जांच की जाएगी, इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। परिवार वालों का आरोप है, पुलिस को उनके पास से डायरी मिली है, लेकिन वह घरवालों को नहीं दिखा रही। वहीं उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया है। परिवार वालों का कहना है कि सुसाइड नोट में उन्होंने दो लोगों के नाम लिखे हैं, जो उन्हें प्रताड़ित करते थे।
