बता दें कि पुलिस कप्तान ने आदेश में साफ कह दिया है कि यदि पुलिसवर्दी के बिना पिस्टल लगाए कोई दिखा तो कठोर कार्रवाई की जाएगी, बल्कि यह भी कहा है कि बिना परमिशन के कोई सिविल ड्रेस में मिला तो उसे भी कार्रवाई से गुजरना पड़ेगा। पिछले दिनों एक तथाकथित सटोरिए कि जिस तरह से पुलिस हिरासत में मौत हुई और उसे जिस तरह से पुलिस स्क्वाड के नाम पर बिना वर्दी पुलिसकर्मी उठाकर लाए,ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक ने यह कदम उठाया है।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
दबंग और सिंघम जैसी फिल्मों से आज की पुलिस कुछ ज्यादा ही प्रभावित नजर आती है। कार्यशैली में भले ही उतनी ईमानदारी और पारदर्शिता ना हो लेकिन एक्शन पूरे फिल्मों जैसे, और इन्हीं में से एक है रिवॉल्वर या पिस्टल को गलत तरीके से कमर में लगा लेना।
देखने में आ रहा था कि थानों में तैनात कई पुलिसकर्मी वर्दी में न रहकर सिविल ड्रेस में तैनात रहते हैं। यही नहीं सरकारी रिवॉल्वर को कमर में लगाए रहते हैं। कई बार वारदातें भी हो चुकी हैं। लगातार शिकायत मिलने के बाद एसपी ने आदेश जारी किए हैं। केवल थानों में सूचना जुटाने या अन्य विशेष तरह के काम करने वाले पुलिसकर्मियों को ही इसमें छूट दी जाएगी।
SP अमित सांघी, ASP, CSP और सभी थाना प्रभारियों को इस आदेश की कॉपी भेजकर इन नियमों का पालन कराने के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,सादा कपड़े और कमर पर पिस्टल लगाकर रौब गांठने वाले पुलिस जवान अब ड्यूटी नहीं कर सकेंगे। एसपी अमित सांघी का कहना है कि नामांकित कर्मचारियों को छोड़कर यदि किसी भी थाने का कर्मचारी सादा कपड़े में ड्यूटी करते हुए मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने इस नियम का पालन कराने के लिए थाना पुलिस को आदेश भी जारी कर दिया है। अमूमन देखा गया है कि पीएचक्यू से थाने का स्क्वाड समाप्त कर दिया गया है। इसके बाद भी थाना प्रभारी से नजदीकी रखने वाले पुलिस जवान सादा कपड़ों में ड्यूटी करते और कमर में पिस्टल लगाकर रौब गांठते हैं। कप्तान ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी बिना ड्रेस के ड्यूटी नहीं करेगा और बिना डोरी के रिवॉल्वर कोई भी कर्मचारी नहीं लगाएगा। अगर किसी ने भी ऐसा किया तो बिना कोई स्पष्टीकरण लिए उसके खिलाफ ( संबंधित अधिकारी/कर्मचारी ) एवं संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की विशेष अपराध में पतारसी या सूचना संकलन में ड्यूटी लगानी है तो उसकी सूचना रोजनामचे में दी जाए। जिससे इसकी जानकारी थाना प्रभारी से लेकर आला अफसरों तक रहे।
आदेश देखें

