बता दें कि जबलपुर के थाना प्रभारी और आरक्षक (constable) भगवान बनकर सामने आए और कोरोना पॉजिटीव दोनो मरीजो को प्लाज्म डोनेट किया। पुलिसकर्मियों के इस कारनामे की पुलिस अधिकारी से लेकर आमजन भी सराहना कर रहे है। कोरेाना संक्रमित महिला-पुरुष दोनो की हालत गम्भीर (serious) थी। यह देखते हुये डॉक्टरों ने प्लाज्मा थेरेपी की सलाह दी थी। दोनों संक्रमित महिला एवं पुरूष को बी-पाॅजिटिव प्लाज्मा की आवश्यकता थी जिसके बाद दोनों के परिजन प्लाज्मा की तलाश में परेशान हो रहे थे।
जबलपुर/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के जबलपुर से मानवता की सेवा में खाकी वर्दी की भूमिका फिर सामने आई है। कोरोना संक्रमण से जीवन मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे दो मरीजों की जान बचाने के लिए थाना प्रभारी कैंट विजय तिवारी और इसी थाने में पदक आरक्षक रामकृष्ण शर्मा आगे आए और शनिवार को ब्लड बैंक में पहुंचकर प्लाज्मा डोनेट किया। थाना प्रभारी और आरक्षक द्वारा दान किए गए प्लाज्मा से सतना से आई महिला और छिंदवाड़ा से आए कोरोना पुरुष की जान बचाने की कवायद अस्पताल के चिकित्सकों ने शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,एक महिला पुरुष कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे है और गंभीर हालत में है। यह जानकारी जब पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा को लगी तो वह प्लाज्मा तलाश करने में जुट गए तभी उन्हें ध्यान आया कि कैंट थाना प्रभारी विजय तिवारी और आरक्षक रामकृष्ण शर्मा हाल ही कोरोना से जंग जीत कर आए है,जिसके बाद एसपी के निवेदन पर दोनों पुलिसकर्मियों ने प्लाज्मा डोनेट किया।
कैंट थाना प्रभारी विजय तिवारी और आरक्षक रामकृष्ण शर्मा ड्यूटी के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे जो की फिलहाल स्वस्थ हैं, थाना प्रभारी कैंट विजय तिवारी और कैंट थाने में ही पदस्थ आरक्षक रामकृष्ण शर्मा के इस सराहनीय कार्य की जबलपुर पुलिस में सराहना की जा रही है,आज इन दोनों ने मानवता की मिसाल कायम की है।
पुलिस की हर तरफ हो रही है तारीफ
पुलिसकर्मियों के इस हौसले पर हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है। क्योंकि इस मुश्किल वक्त में ड्यूटी करते हुए कई पुलिसकर्मी भी अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके उनका हौसला कम नहीं हो रहा है। दो दिन पहले भी जबलपुर के गैलेक्सी अस्पताल में ऑक्सीजन कम होने पर पुलिसकर्मियों ने हौसला दिखाते हुए इस संकट से बचाया था। वहीं अब इन दो पुलिसकर्मियों द्वारा प्लाज्मा डोनेट किया गया है। जिससे समझा जा सकता है कि पुलिसकर्मी अपना फर्ज निभाने के साथ मानवता के नाते लोगों की मदद करने में भी जुटे हैं।
