Home Breaking News दुःखद:कॉन्स्टेबल की पहली करवाचौथ पर पत्नी के साथ ली गई सेल्फी आखिरी...

दुःखद:कॉन्स्टेबल की पहली करवाचौथ पर पत्नी के साथ ली गई सेल्फी आखिरी साबित हुई,दो आरक्षकों के परिवार उजड़े

बता दें कि गुना जिले के चांचौड़ा थाना अंतर्गत नेशनल हाइवे-46 पर बुधवार सुबह बरखेड़ा गांव के समीप एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर गड्ढे में गिर गई। इस हादसे में आरक्षक समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक तीन साल की बच्ची भी शामिल है। वहीं तीन लोग घायल हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


ग्वालियर/मध्यप्रदेश।

अपनी पहली करवाचौथ पर अपने सुहाग की लंबी उम्र और सलामती लिए व्रत रखने वाली कॉन्स्टेबल की पत्नी को क्या पता था कि पति के साथ ली गई यह सेल्फी जिंदगी की आखरी सेल्फी साबित होगी।
दरअसल,पुलिस कांस्टेबल देवेंद्र दुबे ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि करवाचौथ पर पत्नी के साथ ली हुई तस्वीर उनकी आखिरी सेल्फी होगी। गुना के बीनागंज इलाके में बुधवार को हुए सड़क हादसे में देवेंद्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई। उनकी कार डिवाइडर से टकराकर पुलिया से नीचे गिर गई थी। उस वक्त देवेंद्र परिवार और दोस्तों के साथ शाजापुर से ग्वालियर आ रहे थे।
6 महीने पहले ही देवेन्द्र की शादी हुई थी। 24 अक्टूबर को उनकी पत्नी वैशाली ने उनके लिए पहला व्रत रखा था। जानकारी के मुताबिक, देवेन्द्र ने मौत से 24 घंटे पहले अपने दोस्त अभिषेक को फोन पर जन्मदिन की बधाई दी थी। उन्होंने फोन पर दोस्त से कहा था कि बर्थडे की पार्टी लेने बधाई दी थी। साथ ही कहा ऐसे नहीं छोडूंगा। कल आ रहा हूं पार्टी लूंगा।
बता दें, उनके पिता किसान हैं और उन्हीं की इच्छा थी कि देवेंद्र पुलिस की वर्दी पहने।

क्या था पूरा मामला

मृतक कॉन्स्टेबल देवेंद्र दुबे

प्राप्त जानकारी के अनुसार,बुधवार सुबह नेशनल हाईवे पर हुआ। ग्वालियर के विजय नगर आमखो में रहने वाले 26 साल के देवेंद्र दुबे पुत्र अजय दुबे शाजापुर के अकोदिया थाने में कॉन्सटेबल थे। उनकी दोस्ती मुरैना के रहने वाले 35 साल के नीरज शर्मा से थी। वे भी कालापीपल थाने में कॉन्स्टेबल हैं दोनों परिवार समेत शाजापुर में रहने लगे थे। बुधवार सुबह दीपावली मनाने दोनों परिवार कार से ग्वालियर की ओर निकले। गाड़ी नीरज चला रहे थे उनके पास वाली सीट पर देवेंद्र बैठे थे। देवेंद्र की पत्नी वैशाली दुबे (24), नीरज की पत्नी अलका अपने बेटे अनमोल (3) और बेटी प्रियांशी (11 माह) पीछे बैठे थे।
गुना के बीनागंज इलाके में बेरखेड़ी के पास सुबह 5 बजे नीरज को झपकी लगी। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और दूसरी तरफ पुलिया में जा गिरी। हादसे में कॉन्स्टेबल देवेंद्र के साथ-साथ नीरज की पत्नी अलका और बेटी प्रियांशी की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। नीरज, अनमोल और देवेन्द्र की पत्नी वैशाली गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज ग्वालियर में चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, ग्वालियर में देवेन्द्र का दोस्त अभिषेक यादव भी रहता है। मंगलवार को उसका बर्थडे था देवेन्द्र ने उसे कॉल कर बधाई भी दी थी और कहा था कि कल आ रहा हूं, पार्टी लूंगा। देवेंद्र ने उसे बताया कि सब लोग बुधवार सुबह निकलेंगे और 12 बजे तक घर आ जाएंगे। अभिषेक इंतजार करता रहा और फिर दोस्त की मौत की खबर पहुंची।

सड़क हादसे में कार के परखच्चे उड़े

दोस्त से कहा था कि ग्वालियर आकर पार्टी लूंगा, लेकिन आई मौत की खबर

ग्वालियर में देवेन्द्र का दोस्त अभिषेक यादव की मंगलवार को बर्थ डे थी। इस पर देवेन्द्र ने उसे कॉल कर जन्मदिन की बधाई दी। साथ ही कहा ऐसे नहीं छोडूंगा। कल आ रहा हूं पार्टी लूंगा। उसे बताया कि बुधवार सुबह निकलूंगा और 12 बजे तक घर आ जाउंगा। पर यह कोई नहीं जानता था कि वह कभी न लौटने वाले सफर पर निकल रहा है। दोस्त इंतजार कर रहा था। देवेन्द्र तो नहीं आया, लेकिन उसकी मौत की खबर आई। घटना के बाद अभिषेक को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि देवेन्द्र इस दुनिया में नहीं रहा। उसने अपनी पीड़ा सोशल मीडिया पर जाहिर की है।

देवेन्द्र के दोस्त अभिषेक यादव ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित की

कल ही तो तुमसे फोन पर बात हुई थी मेरे दोस्त और तुमने मुझे मेरे जन्मदिन पर शुभकामनाएं प्रेषित की थी और ग्वालियर आ कर मिलकर जन्मदिन की पार्टी का भी तुमने बोला था मुझे यूं ना पता था भाई कि तुम इस तरह अलविदा कह जाओगे। हे ईश्वर आप इतने निर्दय कैसे हो सकते हो। अभी भी विश्वास नहीं हो रहा भाई कि तुम हम सबको छोड़कर चले गए हो।
भगवान आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें और आपके परिवार को दुख के इस वज्रपात को सहने का साहस प्रदान करें।

मेहनत कर पिता के सपने को पूरा किया,पत्नी के साथ पहली दीपावली अधूरी रह गई

मृतक कॉन्स्टेबल देवेंद्र दुबे लाल घेरे में भाई व पिता के साथ

ग्वालियर में विजय नगर आमखो में रहने वाले अजय दुबे मूल रूप से किसान हैं और भिंड के मौ कस्बे के बरौली गांव के रहने वाले हैं। यहां ग्वालियर में कंपू पर देवेन्द्र के बड़े भाई राघवेन्द्र का सायबर कैफे है। यही वह भी बैठा करता था। पर पिता चाहते थे एक बेटा पुलिस में जाए। उनका सपना पूरा करने उसने कड़ी मेहनत की और आरक्षक के लिए चुना गया। इस बार शादी के बाद उसकी और वैशाली की पहली दीपावली थी। उसी में शामिल होने वह गांव के लिए निकला था। पर जहां त्योहार मनाना था उसी गांव में बुधवार शाम 5 बजे उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। पिता और मां का रो-रोकर बुरा हाल था।

Live Share Market :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

सनकी थाना प्रभारी के हौसलें बुलंद फिर सुर्खियों में,महिला नायब तहसीलदार को,केस वापस लेने के लिए धमकाया

बता दें कि मध्यप्रदेश की भोपाल पुलिस ने महिला नायब तहसीलदार की एफआईआर दर्ज करने में 7 दिन लगा दिए। सस्पेंड इंस्पेक्टर शिशिर दास...

मध्यप्रदेश के आईएएस (IAS) अधिकारियों के विभागों में बदलाव,लिस्ट देखें

भोपाल/मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के आईएएस (IAS) अधिकारियों के विभागों में बदलाव कर उन्हे अन्य विभाग में पदस्थ किया है।...

राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले,लिस्ट देखें

भोपाल/मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश में तबादलों का दौर जारी है आज गुरुवार को गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों की तबादला (Transfer) सूची जारी की...

थाना प्रभारी महिला आरक्षक की लव स्टोरी में हंगामा,SP से कहा! TI से शादी नहीं हुई तो जान दे दूंगी

बता दें कि टीआई संदीप अयाची का पूर्व में भी विवादों से नाता रहा है। इसके पूर्व नरसिंहपुर में उनके खिलाफ रेप का प्रकरण...
error: Content is protected !!