बता दें कि मृतक का 15 साल पहले एक्सीडेंट हुआ था जिसमें पैर पंजा कट गया था। उसे चलने में काफी परेशानी होती थी। अभी कुछ समय पहले उसका हाथ भी बेजान हो गया। जिस कारण वह लगातार डिप्रेशन में थे। पुलिस इसी को हवलदार की खुदकुशी का कारण मान रही है।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर पुलिस लाइन में एक हवलदार ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक हवलदार पुलिस विभाग के MT शाखा में पदस्थ था और काफी समय से वह डिप्रेशन में था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। हवलदार ने यह कदम क्यों उठाया इसकी जांच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,ग्वालियर पुलिस के MT शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक पूरन सिंह गुर्जर ने सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात डीआरपी लाइन में अपने क्वार्टर में फांसी लगाकर जान दे दी। देर रात जब परिजन की उन पर नजर पड़ी तो वह फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। परिजन ने जब नब्ज टटोली तो पूरन की मौत हो चुकी थी। तत्काल रक्षित निरीक्षक पुलिस लाइन रंजीत सिंह को मामले की सूचना दी गई। वह मौके पर पहुंचे और बहोड़ापुर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है।
हादसों के चलते डिप्रेशन का शिकार हुए
गौरतलब है कि मृतक हवलदार पूरन सिंह गुर्जर का करीब 15 साल पहले एक एक्सीडेंट हुआ था। जिसमें उसके पैर का पंजा कट गया था। कृत्रिम पंजे से वह अपने रूटीन कार्य कर रहा था। चलने फिरने में उतना समर्थ न होने पर वह काफी परेशान होता था। पैर से तो वह परेशान था ही कुछ समय पहले अचानक गिरने और पैरालाइसिस के माइनर अटैक के बाद उसका हाथ भी बेजान हो गया था। जिस पर वह और ज्यादा अवसाद में घिर गया था। पुलिस को लग रहा है कि यही कारण रहा है कि जिसके चलते उसने मौत को गले लगा लिया।
