बता दें कि घटना की जानकारी मिलते ही मुरैना से आरपीएफ का दल सांक रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया। इसके साथ ही मुरैना की लोकल पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि नवराज सिंह शामली मेरठ के रहने वाले थे जबकि अशोक कुमार ग्वालियर के रहने वाले थे।
मुरैना/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के मुरैना में RPF के दो कॉन्स्टेबल की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। यह हादसा तब घटा, जब दोनों सांक रेलवे स्टेशन पर ट्रैक के बगल में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन आई और दोनों को चपेट में आ गए। घटना मंगलवार रात साढ़े 8 बजे के लगभग की है।
हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार व नवराज सिंह दोनों मुरैना आरपीएफ कार्यालय में पदस्थ थे। दोनों की ड्यूटी मुरैना में लगी थी। दोनों सांक रेलवे स्टेशन पर गश्त दे रहे थे। रात का समय था। वे ट्रैक पर ही गश्त कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली से चेन्नई जा रही 12270 दुरंतो एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। बताया जाता है कि ट्रैक पर एक दूसरी ट्रेन भी गुजर रही थी। जिसकी ओर ध्यान होने की वजह से जवान दूसरी तरफ से आ रही दुरंतो एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।
जांच में जुटी पुलिस

आरपीएफ अब इस बात का पता लगा रही है कि गश्त के दौरान आमतौर पर RPF प्लेटफार्म पर रहती है, न कि ट्रैक के बीच। दोनों जवान ट्रैक के बीच क्या करने गए थे। इसकी जांच की जा रही है।
घटना के दौरान दूरंतो एक्सप्रेस के इंजन के निचले हिस्से में उनकी बंदूक फंस गई। इस पर ट्रेन के ड्राइवर ने ट्रेन रोककर उनकी बंदूक निकालकर स्टेशन मास्टर को सौंपी। बताया जाता है कि दोनों पैसेंजर गाड़ी को चेक कर रहे थे। चेक करने के दौरान वे मैन ट्रेक पर कैसे पहुंच गए, यह अभी रहस्य ही बना हुआ है।
