छिंदवाड़ा/शिवपुरी/मप्र।
मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सीबीआई, ईओडब्लू, लोकायुक्त जैसी एजेंसियां हैं,जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं परंतु इसके बाद भी भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लग रही है,जिसके चलते कई खबरें सामने आ रही हैं।
लोकायुक्त टीम ने प्रदेश के दो जिलों में रिश्वतखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
लोकायुक्त जबलपुर ने मंगलवार को पीडब्ल्यूडी के एसडीओ विजय चौहान और सब इंजीनियर हेमंत कुमार आत्मपूज्य को एक-एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपियों ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार से बिल पास कराने के लिए रुपए मांगे थे। दोनों ने पीड़ित से 2 लाख 40 हजार रुपए लिए थे।
वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के शिवपुरी से रिश्वतखोरी का मामला सामने आया, शहर में फतेहपुर रोड निवासी पटवारी अभिनव चतुर्वेदी को लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर ने 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,कंपनी संचालक ने सड़क किनारे साइन बोर्ड लगाने का टेंडर पीडब्ल्यूडी से 12 लाख 50 हजार में लिया था। कंपनी ने एक साल पहले ही काम पूरा कर दिया था। काम होने के बावजूद कंपनी को कुल 9 लाख 50 हजार का भुगतान ही हो पाया है। फाइनल बिल पास कराने के लिए जब कंपनी के ठेकेदार श्रीचंद चोरिया पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ और इंजीनियर के पास पहुंचे, तो उन्होंने उनसे 2 लाख 40 हजार रुपए मांगे।
इसकी शिकायत ठेकेदार ने जबलपुर लोकायुक्त में दर्ज कराई। इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने रणनीति के तहत मंगलवार को दोनों अधिकारियों को उनके घर में एक-एक लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा।
सब इंजीनियर और SDO के द्वारा जो राशि रिश्वत के तौर पर ली जा रही थी। उसमें 20-20 हजार नकद और बाकी के पैसे चेक के द्वारा लिए जा रहे थे।
इनका कहना
लोकायुक्त डीएसपी जे. पी.वर्मा ने बताया कि दोपहर में 14 कर्मचारियों की टीम ने एसडीओ, चौहान शिक्षक कॉलोनी, खजरी रोड और सब इंजीनियर हेमंत कुमार आत्मपूज्य को उनके रघुवर श्रीपुरम स्थित घर पर, एक एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है।
एसडीओ विजय चौहान 2019 से जिले में पदस्थ है। उसके पास अमरवाड़ा के साथ तमिया सब डिवीजन का प्रभार है। सब इंजीनियर,हेमंत कुमार आत्मपूज्य जिले में लंबे अरसे से पदस्थ है। दोनों ही भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त के शिकंजे में फंसा पटवारी,35 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

शिवपुरी/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आज मंगलवार लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने शिवपुरी शहर के छावनी हल्के के पटवारी को ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने 35 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया हैं। आरोप है कि पटवारी एक भवन के नामांतरण के लिए 35 हजार की रिश्वत की डिमांड मांग की थी।
दरअसल,शिवपुरी में लोकायुक्त ने रिश्वत की रकम जब्त करने के लिए आरोपी पटवारी की पैंट उतरवा दी। आरोपी टीम को देखते हुए भागने लगा। पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी ने पुलिस के साथ मारपीट भी की। लेकिन लोकायुक्त के आगे उसकी एक नहीं चल पाई। उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,फतेहपुर रोड पर पटवारी अभिनव चतुर्वेदी ने अपने घर में आफिस बनवा रखा था। पटवारी ने राजेन्द्र उर्फ रिंकू जैन से मकान के नामांतरण के बदले 35 हजार की रिश्वत ली और पेंट में रख ली। लोकायुक्त ने जब वहां रेड की तो पटवारी और उसके परिजन पुलिस के साथ लड़ने लगे। मौके का फायदा उठाकर पटवारी वहां से भागना चाहा। लेकिन पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पटवारी ने रिश्वत की बात से इंकार किया। पुलिस ने आरोपी से रिश्वत की रकम जब्त करने के लिए पटवारी का पैंट उतरवा दिया।
तहसीलदार को रिश्वत में हिस्सेदार बताया
पूछताछ में पटवारी ने रिश्वत की राशि तहसीलदार से भी शेयर करने की बात कही। बातचीत की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। जिसे लोकायुक्त ने जब्त कर लिया।
इनका कहना
टीम में शामिल TI कवींद्र सिंह चौहान का कहना है कि नामांतरण ऑनलाइन तो 13 तारीख को ही चढ़ गया था। लेकिन दस्तावेजों में आज तक नहीं हो सकी। लोकायुक्त ने तहसील से वह नोटशीट,ऑर्डरशीट आदि भी बरामद किए, जिन पर साइन नहीं थे।
