बता दें कि भांडेर में लोकायुक्त की टीम ने 11 हजार रुपए की रिश्वत लेते परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास सपना यादव तथा बाबू रविशंकर उपाध्याय को पकड़ा है। शिकायतकर्ता चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि परियोजना अधिकारी एवं बाबू द्वारा पोषण आहार सप्लाई के एवज में किए जाने वाले भुगतान को लेकर रिश्वत की मांग की जा रही थी। तब मजबूरन लोकायुक्त को शिकायत की गई जिसपर ये कार्रवाई हुई।
भांडेर/दतिया/मप्र।
दतिया जिले के भांडेर में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी और क्लर्क बच्चों के पोषण आहार में ही रिश्वत ले रहे थे। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण आहार सप्लाई करने वाले का पेमेंट रोक दिया था। वे 30 हजार की रिश्वत की मांग कर रहा था। लोकायुक्त पुलिस ने बाबू को 11 हजार की घूस लेते रंगे हाथों दबोच लिया।
लोकायुक्त ग्वालियर पुलिस ने शिकायतकर्ता के आरोपों की गहराई से तस्दीक की। इसके बाद रिश्वतखोर परियोजना अधिकारी और बाबू को जाल में फांसा गया, लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक हल्कों में दिनभर यही चर्चा चलती रही।
क्या था पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,सोहन गांव निवासी चंद्रशेखर तिवारी आंगनबाड़ी में पोषण आहार सप्लाई करता है। भांडेर में तैनात परियोजना अधिकारी सपना यादव और क्लर्क रविशंकर उपाध्याय ने भुगतान के लिए उससे 30 हजार रिश्वत मांगी थी। बाद में मामला 18 हजार रुपए में तय हुआ। चंद्रशेखर ने इसकी शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस से की। मंगलवार की दोपहर बाबू रविशंकर उपाध्याय को 11 हजार रुपए देने गया। चंद्रशेखर ने जैसे ही रुपए दिए वैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने बाबू को दबोच लिया। क्लर्क से पुलिस रिश्वत की राशि जब्त की और हाथों को भी धुलवाया।
इनका कहना
वहीं रिश्वतकांड का आरोपी क्लर्क उपाध्याय का कहना है कि मैंने कोई रिश्वत नहीं मांगी। चंद्रशेखर एक बैग फेंककर गया। इस में कितने रुपए है। इस बात की भी जानकारी नहीं है। उसने आरोप लगाया कि मुझसे चंद्रशेखर ने इनता कहा कि यह बैग रख लो।
–आवेदक चंद्रशेखर का कहना है परियोजना अफसर और क्लर्क रुपए मांग रहा था। इस बात की शिकायत मैंने की थी। लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।
