HomeBreaking Newsखाद लूट के बाद राजनीति शुरू:दो निरीक्षकों पर गिरी गाज,नेता और पुलिस...

खाद लूट के बाद राजनीति शुरू:दो निरीक्षकों पर गिरी गाज,नेता और पुलिस आमने-सामने

बता दें कि बुधवार को भिंड में फूप थाना चर्चा में रहा। कारण एसपी द्वारा फूप थाना प्रभारी विजय सिंह तोमर को नियुक्ति देना और चंबल आईजी द्वारा नियुक्त पत्र को 24 घंटे में निरस्त करते हुए आईजी ऑफिस अटैच करना।

भिंड/मध्यप्रदेश।

मध्यप्रदेश के भिंड जिले के फूप थाना क्षेत्र में खाद लूट की घटना में राजनीति के चलते दो निरीक्षकों पर गाज गिर चुकी है। राजनीति के दबाव के चलते निरीक्षक अनीता गुर्जर ने खाद लुटेरों को आरोपी नहीं बनाना महंगा पड़ गया। एसपी मनोज कुमार सिंह ने निलंबन कर दिया था। इसके बाद एसपी ने निरीक्षक विजय सिंह तोमर को थाने की कमान सौंपी। इसके बाद चंबल आईजी ने हटाते हुए कार्यालय में अटैच कर दिया। इस थाने पर पुलिस के अफसर और स्थानीय नेता जी अपने-अपने चहेतों को लाने की कवायद में हैं।

क्या था पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,9 अक्टूबर को थाना क्षेत्र के सराया गांव में खाद लूट की घटना हुई थी। दबंग करीब 56 बोरी खाद लूट ले गए थे। घटना के साथ ही थाना पर सवालिया निशान उठने लगे थे। कारण यह है कि एक नेता के भाई के दबाव में थाना प्रभारी गुर्जर ने खाद लूट के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की थी। मामले की जांच के बाद एसपी मनोज कुमार सिंह ने अनीता गुर्जर को 14 अक्टूबर को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अटेर एसडीओपी सुरेंद्र सिंह तोमर द्वारा खाद लूट के मामले में 4 लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की।
घटना के बाद 18 अक्टूबर काे एसपी ने फूप थाने का प्रभार विजय सिंह तोमर को दिया था। आदेश निकलते ही अटेर विधानसभा क्षेत्र के नेता को ठीक नहीं लगा। उन्होंने राजनीति दबाव में विजय सिंह तोमर को हटवा दिया। चंबल आईजी ने यह आदेश निकाला।

सहकारिता मंत्री के गृह गांव ज्ञानपुरा के दबंगों पर लूट का आरोप

अटेर विधानसभा से विधायक और सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के क्षेत्र में 9 अक्टूबर को सराया गांव में रात के समय खाद लूटा गया था। जानकारी पुलिस को दी गई। इसका आरोप सहकारिता मंत्री के गृह गांव ज्ञान पुरा के दबंगों पर आया था। घटना में थाना प्रभारी अनीता गुर्जर सक्रिय हुईं, तो स्थानीय नेता के भाई ने मामले को दबवा दिया।

राजनैतिक दबाव में आई थाना प्रभारी,निलंबित

राजनीति के दबाव में आकर अनीता गुर्जर ने कानून कार्रवाई रोक दी। मामले की जानकारी एसपी को लगी। एसपी ने दोषियों पर कार्रवाई की हिदायत थाना प्रभारी को दी। जब थाना प्रभारी आरोपियों को चिह्नित करके उन पर मामला दर्ज नहीं कर सकी, तो एसपी ने निलंबित कर दिया। इसके बाद एसडीओपी अटेर सुरेंद्र सिंह तोमर ने चार लोगों को आरोपी बनाया जिसमें तीन आरोपी सहकारिता मंत्री भदौरिया के गृह गांव के थे।
इसके बाद थाने का प्रभार निरीक्षक विजय सिंह तोमर को सौंपा गया। आदेश जारी होने के 24 घंटे में विजय सिंह तोमर को हटाए जाने पर जिले के लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है। स्थानीय लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि नेता जी के भाई चहेता थाना प्रभारी लाना चाहते। इस वजह से कार्रवाई हुई है। हालांकि मामले में पुलिस के वरिष्ठ अफसरों ने मौन धारण कर रखा है।

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!