भोपाल/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी सुरसा के मुँह की तरह बढ़ती जा रही है। मध्यप्रदेश में सोमवार को 3 जगह रिश्वतखोरी के मामले सामने आए। यहां 2 हजार रुपए से लेकर 50 हजार रुपए की घूस लेते तीन लोग पकड़े गए। तीनों कार्रवाई लोकायुक्त ने की। टीम ने सागर, इंदौर और रतलाम में कार्रवाई की। सागर में महिला एवं बाल विकास का परियोजना अधिकारी 50 हजार रुपए लेते पकड़ाया। उसने आंगनबाड़ी सहायिका पद पर नियुक्ति के लिए पैसे मांगे थे। इंदौर में को-ऑपरेटिव बैंक डिपार्टमेंट के सीनियर इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपए की घूस लेते पकड़ा। उसने संस्था में गड़बड़ी करने पर आरोपी को बचाने के लिए रुपए मांगे थे। इसके अलावा, रतलाम में पंचायत सचिव ने योजना का लाभ दिलाने के लिए दो हजार रुपए मांगे थे।
सागर:परियोजना अधिकारी को 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार

सागर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने राहतगढ़ में पदस्थ महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी को पचास हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। लोकायुक्त की टीम ने यह कार्रवाई पीपरा गांव निवासी हरिराम पटेल की शिकायत पर की। 37 वर्षीय हरिराम पिता नंदलाल पटेल ने शिकायत की थी कि उसकी पत्नी ने महिला एवं बाल विकास विभाग में गांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिक पद के लिए आवेदन किया है। सहायिका की भर्ती के एवज में परियोजना अधिकारी अनुराग दुबे द्वारा पचास हजार रुपये की राशि मांगी जा रही है। हरिराम पटेल से शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरी योजना के तहत उसे पचास हजार रुपये लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के राहतगढ़ परियोजना कार्यालय भेजा। जहां तय बात के मुताबिक जब हरिराम रुपये दे रहे थे, तभी लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए परियोजना अधिकारी को पकड़ लिया। मौके पर ही परियोजना अधिकारी के केमिकल युक्त पानी से हाथ धुलाए गए, जिनसे गुलाबी रंग निकला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंचनामा बनवाया और आरोपित पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े, निरीक्षक अभिषेक वर्मा आदि मौजूद थे। वहीं पीपरा गांव निवासी हरिराम पटेल का कहना है कि उनके गांव में सहायिका का पद रिक्त है। कई आवेदन आने की वजह से लोग परेशान हैं। उन्होंने विभाग में संपर्क किया तो उनसे रुपये की डिमांड की गई। इसकी शिकायत उन्होंने सागर पहुंचकर लोकायुक्त पुलिस से की थी।
इंदौर:सहकारिता निरीक्षक को दस हजार की रिश्वत लेते पकड़ा

इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को को-ऑपरेटिव डिपार्टमेंट के सीनियर इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सीनियर इंस्पेक्टर का नाम प्रमोद तोमर है। DSP प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि तोमर के पास तिलक नगर गृह निर्माण सहकारी साख संस्था के एक गड़बड़ी के मामले की जांच थी। इसमें संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष और संचालक मंडल को गड़बड़ियां मिली थीं। इस पर अध्यक्ष को आरोपी बनाने से बचाने के लिए प्रदीप तोमर ने रुपयों के लिए दबाव बनाने लगा।
हाल ही में उसने संस्था अध्यक्ष दिलीप बौरासी से इसे लेकर डील शुरू की। सौदा 15 हजार रुपए में तय किया। अध्यक्ष दिलीप बौरासी ने सीनियर इंस्पेक्टर प्रमोद तोमर को 5 हजार रुपए दिए। बाकी 10 हजार रुपए के लिए तोमर दबाव बनाने लगा। इस पर अध्यक्ष ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की, जिस पर सोमवार को उसे पकड़ने के लिए टीम तैयार हो गई।
दोपहर करीब 2 बजे जब तोमर ने अध्यक्ष को बुलाया और 10 हजार लिए तभी टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। पता चला है कि प्रदीप तोमर ने इसके पूर्व भी कई संस्था संचालकों को परेशान कर उनसे काफी रुपए ऐंठे हैं।
रतलाम:पंचायत सचिव को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा

सुखेड़ा ग्राम पंचायत का पंचायत सचिव जगदीश पांचाल दो हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया है। उसने शंकरलाल मालवीय से फलोद्यान योजना का लाभ दिलवाने के लिए पैसे मांगे थे। खास है, विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत सचिव संगठन हड़ताल पर हैं। जगदीश रुपए लेने हड़ताल छोड़कर कार्यालय पहुंचा। शंकरलाल 3 हजार रुपए पहले ही दे चुका था। वहीं, सोमवार को 2 हजार रुपए देने थे। इसी दौरान उज्जैन की लोकायुक्त टीम ने दबोच लिया।
