बता दें कि पीड़ित सचिव सोनेलाल पटेल और आरोपी की बातचीत को ट्रैप कराया। सोनेलाल का रिटायरमेंट को एक साल बचे हैं। आरोपी उदय राज सिंह दद्दाधाम कटनी का रहने वाला है। उसकी रिटायरमेंट में भी एक साल बचा है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपी को मौके पर ही जमानत दे दी।
जबलपुर/मध्यप्रदेश।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए सीबीआई, ईओडब्लू, लोकायुक्त जैसी एजेंसियां हैं, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं परंतु इसके बाद भी भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लग रही है। ताजा मामला मध्यप्रदेश के जबलपुर से सामने आया है, मिली जानकारी के मुताबिक जबलपुर लोकायुक्त ने पनागर जनपद पंचायत CEO को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दरअसल,जबलपुर लोकायुक्त ने शुक्रवार दोपहर पनागर जनपद पंचायत CEO उदय राज सिंह को 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। शिकायत करने वाला सचिव है। 4 महीने पहले कार्यालय से गैर हाजिर मिलने पर CEO जिला पंचायत रिजु बाफना ने निलंबित कर दिया था। विभागीय जांच समाप्त करने के एवज में CEO ने पैसे मांगे थे।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत लखना के सचिव सोनेलाल की विभागीय जांच चल रही थी जिसको खत्म करने के लिए पनागर सीईओ ने 20 हज़ार रुपयों की रिश्वत की मांग की। बाद में सौदा 10 हज़ार रुपए में तय हुआ। पंचायत सचिव सोनेलाल ने सीईओ के द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस से कि थी। वहीं आज जब पनागर जनपद सीईओ उदय राज सिंह को 10 हज़ार रुपये की रिश्वत अपने कार्यालय में ले रहा था तभी उसे लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया लिया। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम में निरीक्षक स्वप्निल दास, कमल सिंह उईके, भूपेंद्र दीवान, आरक्षक दिनेश दुबे अमित मंडल शरद पांडे और ड्राइवर राकेश विश्वकर्मा मौजूद रहे।
