बता दें कि इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रिश्वत के 2 हजार रुपए लेकर रिश्वतखोर हेड कॉन्स्टेबल अनीता सिंह के पास भेजा और जैसे ही अनीता सिंह ने रिश्वत के पैसे लिए तो उसे रंगेहाथों धरदबोचा।
इंदौर/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में आए दिन अफसर-कर्मचारी घूस लेते ट्रैप हो रहे हैं लेकिन उसके बाद भी रिश्वतखोरी कम होने का नाम नहीं ले रही है।
दरअसल,इंदौर के परदेशीपुरा थाने की महिला प्रधान आरक्षक अनीता सिंह को थाने में ही 2 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी अनीता सिंह जमानत करवाने के एवज में आवेदिका से पैसे की मांग कर रही थी। इसके पहले महिला प्रधान आरक्षक ने 1500 रुपए लिए थे। पुलिस विभाग भी आरोपी महिला प्रधान आरक्षक पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,महिला प्रधान आरक्षक अनीता सिंह इंदौर के परदेसी पुरा थाने में पदस्थ है। उसने एक महिला आरोपी से जमानत के नाम पर पांच हजार रुपए मांगी थी। वहीं दूसरी किश्त के लिए दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर महिला ने लोकायुक्त ने इसकी शिकायत कर दी। जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने पुलिसकर्मी को रंगे हाथ पकड़ने का जाल बिछाया। आज जैसे ही महिला प्रधान आरक्षक अनीता सिंह दूसरी किश्त के रुप में 2 हजार रुपए रिश्वत ले रही थी, तभी लोकायुक्त की टीम ने वहां दबिश देकर उसे दबोच लिया। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
शिकायतकर्ता प्रियंका शुक्ला ने बताया कि जेठानी से उसका घरेलू विवाद चल रहा है। प्रधान आरक्षक अनीता सिंह ने मेरी और मेरे पति की जमानत के लिए 5 हजार की मांग की। बाद में साढ़े तीन हजार में फाइनल हुआ। कल 1500 रुपए दे चुकी थी।
इनका कहना
लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल ने ट्रैप टीम गठित कर प्रधान आरक्षक को थाना पर ही 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। 15 सौ रुपये की राशि बातचीत के दौरान ही महिला प्रधान आरक्षक ने पहले ले ली थी। लोकायुक्त द्वारा प्रधान आरक्षक के खिलाफ धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधित अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
