बता दें कि अब पुलिस दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। अभी तो पूछताछ में युवक पहली बार ही हथियार बेचने के लिए लाना बता रहे हैं, लेकिन पुलिस को आशंका है कि इससे पहले भी यह हथियार सप्लाई कर चुके हैं। क्योंकि जंगल में इस तरह डील के लिए बुलाना बताता है कि यह हथियारों की तस्करी में माहिर हैं।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
ग्वालियर पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने आए दो बदमाशों को सौदा होने से पहले ही दबोच लिया। पुलिस ने तस्करों के कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा राउंड बरामद किये हैं। पकडे गए बदमाशों से पुलिस पूछताछ कर रही है और ये पता लगाने की कोशिश है कि वे ये अवैध हथियार कहाँ से लाये थे और किसे बेचने वाले थे।
इन्होंने जंगल में एक झोंपड़ी बना रखी थी। हथियारों को वहां छुपाकर रखते थे। जैसे ही कोई ग्राहक जंगल तक आता तो उसी झोंपड़े से हथियार निकालकर दे देते हैं। पकड़े गए हथियार तस्कर अभी यह माल उत्तर प्रदेश से लाना बता रहे हैं। पर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस को आशंका है कि यह लोग यहीं जंगल में हथियार बनाकर बेचते हैं।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,एसपी अमित सांघी ने बताया कि सूचना मिली थी कि मोहना स्थित कैमारी निवासी दो युवक अवैध हथियार बनाकर बेचते है। सूचना मिलते ही ASP जयराज कुबेर, SDOP प्रवीण अष्ठाना, मोहना थाना TI महेश शर्मा और आरोन थाना प्रभारी दिलीप समाधिया को कार्रवाई के लिए बोला गया। जिस पर थाना प्रभारी आरोन को ग्राहक बनाकर आरोपियों से डील करने के लिए पहुंचाया गया। जहां पर बातचीत तय होने के बाद बदमाशों ने अपने इलाके में मोहना कैमारी के जंगल में डिलीवरी लेने के लिए पहुंचाया। पहले से ही पुलिस सिविल ड्रेस में आसपास मौजूद रही। जैसे ही तस्कर हथियार लेकर आए तो पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया है। साथ ही दोनों को पकड़ने के बाद जब आसपास तलाशी ली गई तो एक 315 की बंदूक एक अधिया, चार 315 बोर के देशी कट्टे, कारतूस व एक बाइक पकड़ी है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम शिशुपाल रावत पुत्र गुलाब सिंह रावत व चंद्रभान पुत्र प्रीतम सिंह रावत निवासी कैमारी गांव मोहना बताया है। पुलिस ने आरोपियों से बरामद एक रायफल, एक अधिया और चार कट्टे जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है।
इनका कहना
ASP देहात जयराज कुबेर ने बताया कि पड़ताल में पता चला है कि हथियार तस्कर उत्तर प्रदेश के किसी शहर से यह हथियार लेकर आते थे। यहां जंगल में ही अपना स्थान बनाकर दहशत का सामान बेच रहे थे। पुलिस पता कर रही है कि यह कब से यहां अवैध हथियारों का रैकेट चला रहे थे।
