बता दें कि सूचना मिलने पर करैरा से परिजन भी शिवपुरी आ गए। बाद में सुसाइड नोट का पता चला। जिसमें मृतक महेंद्र सिंह ने भौंती टीआई पूनम सिंह सविता सहित दो एसआई व एक आरक्षक का जिक्र किया है। आरक्षक ने नोट में जिक्र किया कि एंट्री नहीं करने पर मेडिकल कराकर मुझ पर झूठा केस दर्ज कराया है। इसी से महेंद्र सिंह दु:खी चल रहे थे।
शिवपुरी/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में अपने अधिकारियों और स्टाफ़ की प्रताड़ना के चलते एक प्रधान आरक्षक ने (Head Constable) ने ट्रेन से कटकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। दरअसल,बीती रात्रि शाम 7 बजे शिवपुरी के रेलवे स्टेशन पर हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह चौहान ने रेलवे स्टेशन पर सफेद कपड़ा ओढकर शनिवार की देर शाम रेलवे स्टेशन पर ग्वालियर-पुणे रेल से कटकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक हेड कांस्टेबल ने एक सुसाइड नोट भी छोडा हैं जिसमें टीआई 2 एसआई सहित आरक्षक का अपनी मौत को दोषी बताया है। जानकारी मिल रही है कि प्रधान आरक्षक की चार दिन बाद बेटी की शादी थी। शव पटरी पर मिलने की वजह से मामले की जांच शिवपुरी जीआरपी थाना पुलिस कर रही है। घटना को लेकर रेलवे प्रबंधन का अमानवीय चेहरा सामने आया है। रेलवे की तरफ से पुलिस को कोई सहयोग नही मिला है। घंटो तक पुलिस खड़ी रही जिसके चलते रात 9 बजे जाकर लाश उठाई जा सकी।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,पुलिस लाइन शिवपुरी में अटैच चल रहे हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह चौहान (54) पुत्र बुद्धसिंह निवासी उन्नाव बालाजी जिला दतिया दोपहर से ही रेलवे स्टेशन पर घूमते देखे गए थे। शनिवार की शाम लगभग 7 बजे मुंबई-पूना ट्रेन के नीचे आकर अपनी जान दे दी।
बताया जा रहा है कि घटना से पूर्व महेन्द्र ने अपना मुंह व सिर एक कपडे से बांध लिया था और जैसे ही शिवपुरी रेलवे स्टेशन से जैसे ही ट्रेन चली,तो वह पटरी पर जाकर लेट गया और ट्रेन हवलदार के उपर से निकल गई जिससे सिर कटकर धड से अलग हो गया।
जीआरपी पुलिस ने शिनाख्त कर स्थानीय पुलिस को सूचना दी। आरआई भारत यादव मौके पर पहुंच गए। बाद में एसपी राजेश सिंह चंदेल भी आ गए थे। शव को पीएम के लिए भिजवाया गया।
चार दिन बाद होनी थी बेटी की शादी
मृतक हेड कांस्टेबल की बेटी की 7 मई को शादी तय हो गई थी। कार्ड भी छप चुके थे। लेकिन कोरोना महामारी के चलते शादी कैंसल हो गई। अब चार दिन बाद फिर से शादी की तैयारी थी। बेटी की शादी से पहले ही प्रधान आरक्षक ने आत्महत्या कर ली। बेटे धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भी भौंती टीआई व तीन अन्य पुलिस वालों को अपनी पिता की मौत का जिम्मेदार बताया है।
दोषियों पर कार्यवाही न होने पर पुत्र पीएम ना कराने की जिद पर अड़ा

दोषियों पर कार्यवाही न होने पर मृतक का पुत्र पीएम ना कराने की जिद पर अड़ा रहा। युवक ने उच्च अधिकारियों से माँग करते हुए दोषियों पर कार्यवाही का लिखित आश्वासन न मिलने तक पीएम नही कराने की बात कही।
इनका कहना
मृतक प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह दिसंबर 2020 में पुलिस लाइन अटैच हुए थे। वर्दी में शराब पीने पर यह कार्रवाई हुई थी। मामले की जांच एसडीओपी द्वारा की गई थी। मेडिकल में भी शराब के नशे में होना पाया गया था। साथ ही 5 अप्रैल से गैर हाजिर चल रहे थे।
–राजेश सिंह चंदेल,एसपी शिवपुरी।
