ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन का टारगेट पूरा करने के चक्कर में एक मृत व्यक्ति को कोविड वैक्सीन लगा दी और इतना ही नही हद तो तब हो गयी जब उसका सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया।
ग्वालियर में कोरोना वैक्सीन लगाने के टार्गेट को कैसे पूरा किया जा रहा है इसका ताजा उदाहरण ग्वालियर में देखने को मिला जब एक मृत व्यक्ति के बेटे के पास उनके पिता को दूसरा डोज लगाए जाने का मैसेज आया। इनके पिता की पहला डोज लगने के बाद कोरोना से मौत हुई थी।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,ग्वालियर थाना क्षेत्र के सेवा नगर में रहने वाले 81 साल के रामजी दास गुप्ता ने कोरोना वैक्सीन का पहला डोज 11 अप्रैल 2021 को लगवाया था। उसके बाद वे कोरोना पॉजिटिव हो गए। परिजनों ने उन्हे जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया जहां स्वस्थ होने पर उन्हें 30 मई 2021 को डिस्चार्ज कर दिया गया। रामजी दास की तबियत फिर खराब होने पर परिजनों ने उन्हें 6 जून 2021 को आरोग्य धाम अस्पताल में भर्ती कराया जहां 9 जून को उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन उनके परिजन कल 8 दिसंबर को उस समय चौंक गए जब मृतक के मोबाइल नंबर पर उन्हें दूसरा डोज लगाने और दोनों डोज लगाने का मैसेज आया। बेटे ने मैसेज देखने के बाद सर्टिफिकेट भी डाउनलोड किया तो वो भी हो गया। अब वे हैरान हैं कि मृत व्यक्ति को कैसे वैक्सीन लग सकती है।
इनका कहना
मृतक के बेटे राजीव कुमार गुप्ता का कहना है कि वे शिकायत लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास गए तो उन्होंने कह दिया गलती से मैसेज चला गया होगा। उनका कहना है कि प्रशासन अपना टारगेट पूरा करने के लिए यह सब कर रहा है यह एक बड़ी लापरवाही है।
