बता दें कि नोट के सीरियल नंबर पहले ही लोकायुक्त टीम ने लिख लिए थे। आरोपी के हाथ पानी से धुलवाए गए, जो रसायन के चलते लाल हो गया। लोकायुक्त टीम ने आरोपी का पैंट भी जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का प्रकरण दर्ज कर मौके पर जमानत दे दी।
जबलपुर/मध्यप्रदेश।
जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने आज सिहोरा नगर पालिका परिषद के जल प्रदाय शाखा में पदस्थ बाबू (Clerk) संतोष दहायत को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। उसने बिल भुगतान करने और सुरक्षा निधि वापस करने के लिए रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त टीम ने बाबू को गिरफ्तार करने के बाद मौके पर जमानत पर रिहा कर दिया। डीएसपी दिलीप झरबड़े की अगुवाई में निरीक्षक कमल उईके,आरक्षक अतुल श्रीवास्तव, सोनू चौकसे, जीत सिंह, विजय सिंह बिस्ट की टीम को कार्रवाई को अंजाम दिया।
क्या था पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त की जबलपुर टीम ने बताया कि सिहोरा निवासी देवेंद्र कुमार साहू ने नगर परिषद सिहोरा की जल प्रदाय शाखा में सामग्री सप्लाई की थी। इसके एवज में उसे सात लाख रुपए का भुगतान किया जाना था। देवेंद्र ने परिषद में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 संतोष दहायत से बिल पास करने और टेंडर के दौरान जमा की गई सुरक्षा निधि वापस करने के लिए कहा, तो संतोष ने उससे 35 हजार रुपए मांगे। देवेंद्र ने इसकी शिकायत लोकायुक्त जबलपुर टीम से की।
लोकायुक्त टीम ने देवेंद्र और संतोष की बातचीत को टेप किया। देवेंद्र रिश्वत की रकम की पहली किश्त के 20 हजार रुपए लेकर संतोष के कार्यालय पहुंचा। इसके पूर्व ही लोकायुक्त टीम वहां पहुंच गई थी। देवेंद्रे ने संतोष को 20 हजार रुपए दिए तभी लोकायुक्त की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
