भोपाल/रायसेन/मप्र।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी अधिकारियों कर्मचारियों पर लोकायुक्त का शिकंजा कसता ही जा रहा है इसी तारतम्य में भोपाल लोकायुक्त ने रायसेन जिले के गैरतगंज एसडीएम मनीष कुमार जैन, उनके ओएसडी दीपक श्रीवास्तव, कम्प्यूटर ऑपरेटर राम नारायण अहिरवार को 45 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। तीनों ने स्टोन क्रेशर की परमिशन देने के लिए व्यापारी से एक लाख रुपए मांगे थे। बुधवार को इसकी पहली किस्त व्यापारी ने जैसे ही दी, उसी समय लोकायुक्त ने तीनों को दबोच लिया। ट्रैप होते ही एसडीएम की तबीयत बिगड़ गई। उनका बीपी बढ़ गया। उन्हें तुरंत अस्पताल रेफर किया गया। एसडीएम को भोपाल रैफर किया गया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त एसपी मनु व्यास ने बताया कि तनवीर पटेल ने शिकायत की थी कि उनके भाई सईद अहमद कुरैशी के ग्राम अगरिया कला में क्रेशर की अनुमति जारी करने के लिए एसडीएम गैरतगंज के ओएसडी दीपक श्रीवास्तव, कम्प्यूटर ऑपरेटर राम नारायण अहिरवार ने एक लाख रुपए मांग रहे हैं। जांच के लिए लोकायुक्त ने डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर तनवीर को दिया। इसमें एसडीएम का ओएसडी 45 हजार रुपए बुधवार को पहुंचाने के लिए कह रहा है।
बुधवार को तनवीर पहली किस्त देने एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां, कम्प्यूटर ऑपरेटर रामरानायण को लिफाफे में रखे 45 हजार रुपए दिए। रामनारायण ने 15 हजार रुपए लिफाफे से निकाल लिए। 30 हजार रुपए उसी लिफाफे में रखकर एसडीएम मनीष जैन को दिया।
घूस के लिफाफे को पिट्ठू बैग में रखकर एसडीएम मुस्कुराते हुए गाड़ी से रवाना हो गए। लोकायुक्त का ट्रैप दल तनवीर का इशारा पाते ही उनके वाहन को रोककर वापस कार्यालय में लेकर पहुंचे। जांच में एसडीएम के बैग में लिफाफा मिला। ट्रैप की जानकारी लगते ही उनकी तबियत बिगड़ गई। जिससे उन्हें पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए भोपाल रेफर कर दिया गया।
इनका कहना
लोकायुक्त के डीएसपी संजय शुक्ला ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। एसडीएम के साथ रीडर और एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने क्रेशर प्लांट स्थापना के लिए जमीन के डायवर्शन के बदले घूस मांगी थी। फिलहाल, एसडीएम मनीष जैन की तबियत बिगड़ने पर उन्हें भोपाल रेफर किया गया है।
–शिकायतकर्ता ने बताया कि 5 हजार पहले ही ले लिए गए थे। आज बाकी के 45 हजार एक लिफाफे में लेकर वो आफिस पहुंचा। उसने एक लिफाफे में 40 और दूसरे में 5 हजार रूपए रखें। एसडीएम के बाबू दीपक श्रीवास्तव एवं प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर राम नारायण अहिरवार का कमीशन काटने के बाद 30 हजार एसडीएम मनीष जैन को देने थे। इसी दौरान लोकायुक्त ने एसडीएम को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा। 2017 बैच के अधिकारी एसडीएम मनीष जैन कि तबीयत खराब हो गई है और वह भोपाल रेफर हुए हैं।
