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पीतांबरा पीठ के सामने बनी बारादरी रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर से ध्वस्त,मलबे में एक दर्जन बाइक भी दबीं

बता दें कि यह बारादरी नगर पालिका द्वारा पीतांबरा मंदिर पीठ पर सौंदर्यीकरण के तहत बनाई गई थी इसे मंदिर नुमा बनाया गया था। जो काफी भव्य दिखाई देता है। इसके आसपास रखीं करीब एक दर्जन बाइक दब गई। घटना के बाद चालक, ट्रैक्टर-ट्राॅली को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। इस हादसे के बाद नगर पालिका के निर्माण कार्य और अवैध रेत परिवहन पर सवाल खड़े हो गए हैं।


दतिया/मध्यप्रदेश।

मध्यप्रदेश के दतिया में सुप्रसिद्ध पीतांबरा पीठ के सामने सड़क पर सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से बनाई गई लाल पत्थरों की बारादरी सोमवार शाम 6.30 बजे रेत से भरी ट्रैक्टर की ट्राली की टक्कर लगने से गिरकर ध्वस्त हो गई इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। बारादरी के नीचे खड़ी कुछ मोटर साइकिले इस हादसे में क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिस ने इस मामले ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिला प्रशासन ने इस हादसे की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय इंजीनियरों की एक जांच कमेटी बनाई है। यह जांच समिति घटना की छानबीन कर कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपेगी।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,पीतांबरा पीठ के मुख्य द्वार से के समीप स्थित सिविल लाइन रोड पर मंदिर नुमा लाल पत्थरों से बनी बारादरी को शाम 6.30 बजे रेत से भरी एक ट्रैक्टर ट्राली ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह भरभरा कर गिर गई। बताया जाता है कि राजगढ़ चौराहे से कोतवाली थाने की ओर जाने वाली रोड पर यह रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली इतनी तेज से गुजरी की डिवाइडर पर बने बारादरी के खंभों से सीधे टकरा गई। इसके चलते मंदिर तरफ की बारादरी वाला भाग नीचे गिर गया। कोरोना कर्फ्यू के कारण सड़क पर कोई नहीं था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय कुमार तथा पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ और कोतवाली थाना प्रभारी व अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।

तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

कलेक्टर संजय कुमार ने इस हादसे की जांच के लिए एडीएम ए.के. चांदिल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है, जो 1 सप्ताह में इस हादसे की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगी। इस समिति के में लोक निर्माण विभाग के दो इंजीनियर तथा राजघाट सिंचाई परियोजना के कार्यपालन इंजीनियर को लिया गया है। यह समिति यह भी देखेगी कि नगर पालिका का जो निर्माण कार्य है, उसमें गुणवत्ता कितनी थी, यदि यह हादसा आम दिनों में कभी हो जाता तो बड़ी संख्या में लोगों की जानें जा सकती थी।

बारादरी शहर की सुंदरता में चार चांद लगाए हुए थी

बारादरी का निर्माण वर्ष 2013 में एमपीआरडीसी ने कराया गया था। इसके लिए राजस्थान से लाल पत्थरों को मंगाया गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा इन पत्थरों को भेजा गया था। यह बारादरी को सिद्ध पीठ स्थल पीतांबरा मंदिर के पास दोनों ओर बनाए गए थे। यह बारादरी की चौड़ाई करीब 45 फीट और ऊंचाई करीब 25 फीट बताई जा रही है। यह बारादरी शहर की सुंदरता में चार चांद लगाए हुए थी।

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