मंदसौर/मध्यप्रदेश।
रिश्वतखोर अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है इसी तारतम्य में लोकायुक्त पुलिस ने बीमा हॉस्पिटल में कार्यरत एक रिश्वतखोर बाबू को 25 हज़ार रुपये की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया आरोपी पीड़ित स्टाफ नर्स का एरियर का पैसा देने के एवज में 25 हजार रुपये की मांग कर रहा था। आरोपी बाबू का नाम सत्यनारायण सोनी है। लोकायुक्त उज्जैन द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त टीआई बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित स्टाफ नर्स निर्मला सोनी को अपना 2 लाख से ज्यादा एरियर का पैसा निकालना था। जिसकी एवज में वह 25 हजार रुपये की मांग कर रहा था। निर्मला सोनी ने जिसकी शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी सत्यनारायण सोनी ने पीड़िता को धमकाते हुए कहा कि अगर 25 हजार रुपये नहीं देने पर एरियर का 2 लाख रुपयों को रिकवरी में डाल दूंगा इसके अलावा पेंशन का पैसा भी अटका दूंगा। जिसे रिकॉर्ड किया गया और आज 25 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
पीड़ित स्टाफ नर्स का नाम निर्मला सोनी है। पीड़िता ने बताया कि वह पिछले 32 वर्षों से अस्पताल में कार्यरत है। आरोपी हमेशा उन लोगों से पैसों की वसूली करता रहा है। पीड़िता ने कहा कि इससे झगड़ा हो गया था जिसके बाद इसने अधिकारियों से पत्र लिख शिकायत की थी। जिसकी वजह से इंक्रीमेंट रुक गया था। एरियर का पैसा देने के लिए वह 25 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इसके अलावा वह पहले भी जीपीएफ का पैसा निकालने और इंक्रीमेंट के पैसे के लिए कभी 6 हजार कभी 8 हजार रुपये रिश्वत लेता था।
