बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक और प्रदेश सरकार में मंत्री इमरती देवी मतगणना के अंतिम दौर में पिछड़ती चली गईं, आखिर में उन्हें बड़े अंतर से हार मिली। डबरा में इमरती देवी की जीत के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरोत्तम मिश्रा समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने पूरी ताकत से प्रचार किया था।
डबरा/ग्वालियर/मप्र।
मध्यप्रदेश में उपचुनाव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चित सीटों में से एक ग्वालियर की डबरा सीट से थी। क्योंकि इसी सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व सीएम व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने बीजेपी प्रत्याशी इमरती देवी को आइटम कहा था। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा हुई। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ‘आइटम’ वाले बयान से सुर्ख़ियों में आई डबरा से बीजेपी प्रत्याशी इमरती देवी चुनाव हार गईं हैं। कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे ने मंत्री इमरती देवी को 7663 वोटों से हरा दिया है। इमरती देवी राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की सबसे कट्टर समर्थकों में से एक मानी जाती हैं। सभी 28 सीटों पर उपचुनाव में डबरा सीट सबसे ज्यादा चर्चित रही। कमलनाथ के बयान को बीजेपी ने पूरे उपचुनाव में बड़ा मुद्दा बनाया। लेकिन डबरा में ही इस बयान का जनता पर खास असर नहीं पड़ा।
डबरा सीट से मंत्री इमरती देवी का मुकाबला उनके समधी कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे से था। मतगणना में हर एक राउंड के बाद नतीजे बदलते रहे। पहले राउंड से 10वें राउड़ तक इमरती देवी कांग्रेस प्रत्याशी से आगे रही लेकिन 11वें राउंड आते ही वह पिछड़ती चली गईं। इमरती देवी ने 80 हजार मतों से जीत का दावा किया था। लेकिन उनका दावा पूरा नहीं हो पाया।
भाजपा की हार के कारण

-बिकाऊ प्रत्याशी की वजह से जनता नाराज थी इसका नुकसान हुआ।
– कमलनाथ के अलावा कई विवादित बयान दिए जैसे ‘इमरती हार भी जाएंगी तो मंत्री बनी रहेंगी’ ‘सरकार और सत्ता में इतना दम रहता है कि कलक्टर से बोल देने से कोई भी सीट जीती जा सकती है’ जैसे बयान दिए। कमलनाथ को कबाड़ी, शराबी, गुंडा कहा और उनके घर की बहुओं पर भी निशाना साधा।
-कांग्रेस कैंडिडेट सुरेश राजे रिश्ते में इमरती के समधी हैं इनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। दलित नेता हैं इमरती के भाजपा में जाने से दलित-पिछड़े नाराज हैं।
– इमरती को हराने के पिछे भितरघात भी एक बड़ी वजह है। इमरती के करीबियों ने हार के लिए नरेंद्र सिंह तोमर गुट, नरोत्तम मिश्रा गुट के लोगों पर भी सवाल खड़े किए।
आइये जानते हैं मध्य प्रदेश उपचुनाव में अभी तक कौन किस पार्टी से जीता है
ग्वालियर-प्रदुम्न सिंह तोमर (बीजेपी)
अशोक नगर- जयपाल सिंह (बीजेपी)
मुंगोली- ब्रजेन्द्र सिंह यादव (बीजेपी)
अनूपपुर- बिसहु लाल सिंह (बीजेपी)
सांची- डॉक्टर प्रभुराम चौधरी (बीजेपी)
मांधता- नारायण सिंह पटेल (बीजेपी)
नेपानगर-सुमित्रा देवी कासडेकर (बीजेपी)
बदनावर-राजवर्धन सिंह दत्तीगांव (बीजेपी)
सुवसरा- डांग हरदीप सिंह (बीजेपी)
बिओरा- रामचंद्र डांगी (कांग्रेस)
भांडेर- रक्षा संतराम सरोनिया (बीजेपी)
बमोरी- महेन्द्र सिह सिसोदिया (बीजेपी)
हाटपिपल्या- मनोज नारायण सिंह चौधरी (बीजेपी)
