बता दें कि यह FIR भांडेर में आयोजित कांग्रेस की आम सभा में हाईकोर्ट के निर्देशों के विपरीत 100 से ज्यादा लोगों की उपस्थिति को लेकर की गई है। एसडीएम अरविन्द माहौर की रिपोर्ट पर भांडेर पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ,कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नाहर सिंह यादव,रामपाल सिंह सेंगर, नारायण सिंह,रामकुमार तिवारी,राधेलाल एवं बृजकिशोर शिवहरे व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
भोपाल/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी का चेहरा कमलनाथ के खिलाफ दतिया जिले के भांडेर में FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने चुनावी सभा में लोगों की भीड़ जुटाकर संक्रमण का खतरा पैदा किया। एक जनहित याचिका के बाद में हाईकोर्ट ने यह निर्णय दिया था कि कोविड-19 के चलते किसी भी राजनीतिक सभा में सौ अधिक सबसे ज्यादा व्यक्ति उपस्थित होते हैं तो आम व्यक्ति भी उस सभा की फोटो खींच कर डाल सकता है और उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,दतिया जिले के भांडेर थाने में विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी फूल सिंह बरैया और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नाहर सिंह यादव सहित 8 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह प्रकरण सब डिविजनल मजिस्ट्रेट के आवेदन पर दर्ज किया गया है। आरोप है कि कमलनाथ की रैली एवं आमसभा में आयोजक, पार्टी पदाधिकारी एवं प्रत्याशी ने कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और इस तरह लोगों में संक्रमण का खतरा पैदा किया।
केवल 100 लोगों को उपस्थित रहने की अनुमति दी गई थी
चुनाव आयोग की गाइड लाइन के अनुसार चुनावी कार्यक्रमों में अधिकतम 100 लोगों को उपस्थित रहने की अनुमति दी गई है लेकिन भांडेर में आयोजित कमलनाथ की रैली एवं सभा में हजारों लोग शामिल हुए। आयोजकों ने ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया और ना ही फेस मास्क की शर्त का। चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई है।
कांग्रेस ने बदले की कार्यवाही बताई
राजनीतिक हलकों में इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई माना जा रहा है और कांग्रेस का सीधा आरोप है कि यह कमलनाथ की लोकप्रियता से घबराकर सरकार ने इस कार्रवाई करने के लिए दबाव डाला है। जबकि बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी का साफ कहना है कि इस समय जिले में आचार संहिता लगी हुई है और चुनाव आयोग के मार्गदर्शन में ही पूरी तरह से जिला प्रशासन काम कर रहा है। ऐसे में किसी भी प्रकार से राजनीतिक दबाव की बात करना ही मूर्खतापूर्ण बात है। हालांकि इस एफआईआर के बाद में अब बीजेपी की सभाओं के खिलाफ भी क्या प्रशासन की कार्रवाई होगी, यह देखने वाली बात होगी।
