बता दें कि सिपाही ललित घर जाने को 10 दिन का अवकाश मांग रहा था। उसे तीन दिन का अवकाश दिया गया। इसी बात को लेकर वह नाराज था। शुक्रवार सुबह वह कोतवाली पहुंचा जहां प्रभारी कोतवाल एसएसआई रामौतार से अवकाश को लेकर कहासुनी हो गई। इसी बीच सिपाही ने कंधे पर टंगी एके-47 को उताकर एसएसआई पर फायर कर दिया। उसके बाद सिपाही ने खुद को भी गोली मार ली। एसएसआई को दोनों पैरों में गोली लगी जबकि सिपाही के कंधे पर लगी।
बदायूं/उत्तरप्रदेश।
उत्तरप्रदेश के बदायूं के उझानी कोतवाली में तैनात एक सिपाही ने शुक्रवार को छुट्टी न मिलने पर दारोगा को गोली मारकर खुद को भी गोली मार ली। वारदात के बाद कोतवाली में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोनों घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दारोगा की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलने पर डीएम- एसपी समेत भारी पुलिस मौके पर पहुंचा पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना उझानी कोतवाली की है आरोपी सिपाही ललित ने 10 दिन की छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। उसकी तीन दिन की छुट्टी स्वीकृत हुई थी, लेकिन वह ज्यादा दिन की छुट्टी चाह रहा था। इसी बात को लेकर दारोगा राम औतार से उसकी कहासुनी हो गई। उसने दारोगा को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने मीडिया को जानकारी दी कि छुट्टी को लेकर सिपाही ने एसएसआई को गोली मारी। जिसके बाद खुद को भी गोली मार ली है, दोनों को बरेली भेजा गया है। दरअसल सिपाही 10 दिन की छुट्टी मांग रहा था और दारोगा ने 3 दिन की ही छुट्टी दी थी। पुलिस विभाग में दारोगा के हाथ में केवल 3 दिन की छुट्टी देने पावर होती है ज्यादा छुट्टी देने के लिए सीओ, एडिशनल एसपी या एसएसपी छुट्टी देते हैं। दारोगा की हालत नाजुक बनी हुई है वहीं सिपाही खतरे से बाहर है।
