भोपाल/मध्यप्रदेश…………….
कहते हैं कि सरकारी विभागों में बिना चाय पानी के कुछ काम नही होते हैं। लेकिन चाय न पिलाने पर क्या-क्या हो सकता है इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला। दरअसल,एक चायवाले द्वारा थाना प्रभारी को चाय पिलाकर अपने उधारी के पैसे माँगना भारी पड़ गया। जब चाय वाले ने पैसे मांगे, तो उन्होंने उसे थाने में बंद करने और दुकान हटाने की धमकी दे डाली। वो भी जब हमारे देश का प्रधानमंत्री एक चाय वाला है,ऐसे में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चाय वाले को खाकी ने धमकी दी है। देखते हैं इस मामले में क्या मोड आता है।
दरअसल एक चाय वाला अपने पूरे परिवार के साथ राज्य गृह मंत्री बाला बच्चन के बंगले पर पहुंच गया। शिकायत एक थाना प्रभारी के खिलाफ थी। चाय वाले को गृह मंत्री तो नहीं मिले, लेकिन उनके स्टाफ ने कार्रवाई का आश्वासन जरूर दिया है।
दरअसल, परवलिया थाना प्रभारी अनिता प्रभा शर्मा पर आरोप है कि वह रोजाना चाय तो पीती हैं, लेकिन चाय वाले को पैसे नहीं देती हैं। थाना प्रभारी पर करीब तीन हजार रुपए की उधारी है। जब चाय वाले ने पैसे मांगे, तो उन्होंने उसे थाने में बंद करने और दुकान हटाने की धमकी दे डाली। जबकि भोपाल के डीआईजी इरशाद वली ने इस मामले में जांच की बात कही है।
क्या है पूरा मामला………………
प्राप्त जानकारी के अनुसार,चाय के पैसे मांगने पर मिली टीआई की धमकी के बाद राजधानी भोपाल के 74 बंगले स्थित गृह मंत्री बाला बच्चन के बंगले पर एक विकलांग बुजुर्ग महिला अपने पूरे परिवार के साथ परवलिया थाना प्रभारी अनिता प्रभा शर्मा के खिलाफ शिकायत करने पहुंची। हालांकि बंगले पर बाला बच्चन तो नहीं मिले, लेकिन उनके स्टॉफ ने शिकायत लेकर परिवार को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। बुजुर्ग महिला का बेटा माखन सिंह ठाकुर की परवलिया थाने के पास चाय की दुकान है और उसकी दुकान की पर थाना प्रभारी अनिता प्रभा शर्मा भी चाय पीती हैं। थाना प्रभारी पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने कई दिनों तक खुद भी चाय पी और अपने स्टाफ को भी पिलाई, जब माखन सिंह ठाकुर ने उनसे अपनी चाय के करीब तीन हजार रुपए मांगे, तो अनिता ने उसको थाने में बंद करने की धमकी दी। माखन ने बताया कि बार-बार पैसे मांगने पर टीआई को गुस्सा आ गया। उन्होंने धमकी देने के साथ उससे चाय की दुकान के कागज मांगे और अब आए दिन उसे धमकी दी जा रही है। पुलिस के द्वारा उसकी दुकान को तोड़ने की बात कही जा रही है। उसने आगे बताया कि यदि मैं थाना प्रभारी से पैसे नहीं लूंगा, तो अपने बच्चे को क्या खिलाऊंगा, क्या मैं अपने बच्चों को जहर दे दूं
इनका कहना………….
भोपाल के डीआईजी इरशाद वली ने इस मामले में कहा कि चाय वाले की शिकायत मेरे पास भी पहुंची है और इसकी जांच एडिशनल एसपी दिनेश कौशल को सौंपी गई है। अगर जांच में थाना प्रभारी दोषी पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
