नई दिल्ली…………..
देश की राजधानी दिल्ली के छावनी क्षेत्र में वाहन चेकिंग कर रहे एक असिस्टेन्ट सब इंस्पेक्टर को तेज रफ्तार टेम्पों ने टक्कर मार दी और उसे करीब 600 मीटर तक घसीट ले गया। इससे एएसआई की मौके पर ही मौत हो गई बाद में पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया पुलिस के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस में तैनात एएसआई जितेंद्र सिंह दिल्ली कैंट इलाके में अपने साथियों के साथ मंगलवार सुबह वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी एएसआई ने दिल्ली नंबर के टैंपो को रोकने की कोशिश की, चालक ने वाहन रोक भी दिया। लेकिन अचानक से टैंपो भगा दिया। पुलिसकर्मी टैंपो के शीशे के नीचे लगे हैंडल्स को पकड़े रहा और जान बचाने के लिए चिल्लाता रहा। ड्राइवर ने टैंपो नहीं रोका। 600 मीटर से ज्यादा तक पुलिस वाले को टैंपो घसीटता ले गया। एएसआई संजय टी प्वाइंट फ्लाईओवर पर घायल मिले। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह हुई इस दर्दनाक घटना के बाद अन्य ट्रैफिक कांस्टेबल ने वहां से गुजर रहे एक वाहन से लिफ्ट लेकर पीछा किया और आरोपी को दबोचा। मारे गए एएसआई का नाम जितेंद्र सिंह (48) है। जितेंद्र मूलरूप से बागपत के रहने वाले थे परिवार में उनकी पत्नी ,2 बेटियां और एक बेटा है। पुलिस ने आरोपी टैंपो चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर अरेस्ट किया व टैंपो जब्त कर लिया।
क्या है मामला…………..
कांस्टेबल पवन कुमार (42) ने बताया वह ट्रैफिक सर्किल दिल्ली कैंट में बीते छह माह से तैनात है। मंगलवार सुबह उसकी ड्यूटी मजार झरेडा गांव नजदीक फुटओवर ब्रिज के पास थी। उनके साथ एएसआई जितेंद्र सिंह, कांस्टेबल विजय पाल व कांस्टेबल संदीप थे। सुबह 7.20 पर दिल्ली नंबर का टैंपो (नंबर 3092) धौलाकुंआ की तरफ से फर्स्ट लाइन में आते दिखा। उसके आगे 3-4 कारें भी थीं। हाथ देकर इस गाड़ी को रुकवाया गया। जो कारें इस वाहन के आगे थीं, उन्हें जेडओ साहब एक-एक कर आगे निकाल रहे थे। टैंपो को साइड में लगाने के लिए कहा गया। तभी चालक ने एकदम से गाड़ी भगा दी। जितेंद्र ने शीशे के नीचे लगे हैंडल्स पकड़ लिए। वह जान बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे। चालक ने टैंपो नहीं रोका। इसके बाद कांस्टेबल पवन ने वहां से गुजर रही एक गाड़ी को रुकवाया और टैंपो का पीछा करना शुरू किया। चैकिंग प्वाइंट से करीब 600 मीटर दूर संजय टी-प्वाइंट फ्लाईओवर पर जितेंद्र सिंह जख्मी हालत में पड़े मिले। पवन ने अपने दूसरे साथी को फोन कर वहां बुलाया। जिसके बाद अन्य ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने मौके अचेत हालत में जितेंद्र सिंह को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
