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आयकर विभाग का बड़ा खुलासा:500 करोड़ के हवाला कारोबार का खिलौना व्यापारी के यहाँ से खुलासा

मध्यप्रदेश में पांच सौ करोड़ रुपए के हवाला कारोबार का खुलासा हुआ है। मामले में आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने जबलपुर के एक कारोबारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि वह बिना किसी खरीद-फरोख्त के बोगस बिल बनाकर कारोबार कर रहा था। विभाग मामले में आगे छानबीन कर रहा है। इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। विभाग की प्रारंभिक छानबीन में कारोबारी के पास करीब पांच सौ करोड़ रुपए नकद लेन-देन का खुलासा हुआ है।



जबलपुर/मध्यप्रदेश…………..


आयकर विभाग को सोमवार को जबलपुर में खिलौने बेचने वाले पंजू गोस्वामी के यहां सर्वे में विभाग को हवाला के जरिए 500 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। यह पैसा मुख्य रूप से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में ही गया है।

इसका इस्तेमाल चुनाव के दौरान होने की आशंका है। विभाग जानने का प्रयास कर रहा है कि यह पैसा किस-किस राजनैतिक पार्टी या उम्मीदवार को दिया गया। विभाग की इन्वेस्टीगेशन विंग ने शनिवार को यह कार्रवाई शुरू की थी। बड़ी राशि सामने आने के बाद सर्वे को छापे में बदल दिया गया। विभाग को 60 लाख रुपए की नकदी मिल चुकी है।

   

30 अक्टूबर को पकड़े गए अपराधी से जुड़े तार………….


जबलपुर के बल्देबबाग निवासी अतुल खत्री(45) को 30 अक्टूबर को थाना ओमती पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उससे मुकेश पटेल नामक स्टेशनरी कारोबारी और उसके 15 लाख 70 हजार रुपए के बारे में पूछताछ की गई थी। लेकिन वे कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके। राशि 10 लाख रुपए से अधिक होने के कारण यह मामला आयकर विभाग को सौंप दिया गया। जहां अतुल और मुकेश के साथ उनके एक और सहयोगी अंशुल से भी सघन पूछताछ की गई। उसके बाद विभाग की टीम सरगना पंजू गोस्वामी तक पहुंची। आशंका जताई जा रही है अतुल और मुकेश पंजू के लिए ही काम करते थे।

इसके साथ ही पटेल और खत्री ने 3.5 करोड़ रुपए की अघोषित आय होने की बात मान ली है। सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर लेन-देन चुनावी साल में ही किए गए। चुनावी अचार संहिता लगने के बाद लगने के बाद भी बड़े पैमाने पर पैसा भेजा जाता रहा।


लेनदेन के कागज तलघर में छुपाकर रखे थे…………..


विभाग की टीम शनिवार को गोस्वामी के यहां सर्वे करने पहुंची थी। दस्तावेजों की पड़ताल में पता चला कि उसने जिन पार्टियों को पेमेंट दिया, उनका दूर-दूर तक उसके कारोबार से संबंध ही नहीं था। सघन पड़ताल की गई तो पता चला कि इस तरह की एंट्रीज हजारों की संख्या में है। उक्त कारोबारी को मुंबई और दिल्ली से भी पैसा मिला था। यह पैसा इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और रायपुर समेत कई शहरों को भेजा गया। इसके बाद विभाग ने अपने सर्वे को छापे में बदल दिया। आयकर की टीम पड़ताल के लिए व्यापारी के घर भी पहुंच गई। व्यापारी ने लेन-देन के सारे दस्तावेज तलघर में छुपाकर रखे थे। इसमें 10 हजार से अधिक एंट्रीज हैं। विभाग को वह व्यापारी एंंट्रीज के बारे में कोई भी ठीकठाक जवाब नहीं दे सका। विभाग ने उसके यहां मिली 60 लाख रुपए की नकदी बरामद की। वह इसका भी कोई स्रोत नहीं बता पाया।

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