ग्वालियर/मध्यप्रदेश……….
मप्र के ग्वालियर में इस बार जलसंकट का साया मंडराने लगा है यही वजह है कि नगर निगम ने जल संरक्षण के लिए वॉटर एप लॉन्च किया है एप के जरिए निगम शहरवासियों की पेजयल समस्या और पानी की बरबादी वाली शिकायतें निपटाएगी।
ग्वालियर शहर इस बार जल संकट के मुहाने पर खड़ा है तिघरा बांध भर नहीं पाया तो कैकेटो डेम से पानी लिफ्ट किया गया,शहर में पेयजल को लेकर मारा-मारी हो रही है गर्मी बढ़ेगी वैसे-वैसे जल संकट गहराएगा।
विपक्ष ने साधा निशाना पार्षदों की कोई सुनता नही जानता की कौन सुनेगा………
विपक्ष ने साधा निशाना पार्षदों की कोई सुनता नही जानता की कौन
वहीं विपक्ष ने निगम को पानी को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि शहर में लीकेज की समस्या हल नहीं हुई।
जल संकट को लेकर नगर निगम के सत्तापक्ष औऱ अफसरों की नियत पर सवाल खड़े किए हैं
नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित का कहना है कि नगर निगम ग्वालियर विकसित देश की तर्ज पर चलना चाहता है, लेकिन शहर की आधी से ज्यादा आबादी स्मार्ट फोन का उपयोग नहीं करती है, ऐसे में एप से जलसंरक्षण और जल समस्या दूर होना कोरी बातें हैं।
नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक, शहर में दो साल से लीकेज की समस्या बनी हुई है, जिसमें एक से डेढ़ एमसीएफटी पानी बेकार बह जाता है इसे दूर करना चाहिए
आम लोगों के साथ ही सब इंजीनियर, पार्षदों ने शिकायतें की है उनका हल नही हुआ है।
क्या-क्या सुविधाएं होंगी वाटर एप्प पर……..
नगर निगम ने जलसंकट के हालातों को देखते हुए वॉटर एप लांच किया है इस एप पर शहरवासी अपनी पानी की समस्या को लेकर, लीकेज होने, हैंडपंप टूटे, नल नहीं आने की शिकायत भेज पाएंगे. वहीं कहीं पानी की बरबादी या अन्य कमियों हैं तो उनका फोटो शिकायत के साथ भेज पाएंगे।
महापौर का कहना………
महापौर विवेक शेजलवकर का कहना है कि ग्वालियर नगर निगम डिजीटल होने की तरफ बढ़ रही है
लोगों को अपनी समस्या की शिकायत के लिए घर बैठे सुविधा मिल पाए, इसके लिए यह प्रयोग शुरू किया गया है।
