“बता दें मध्यप्रदेश में पुलिसकर्मियों के आत्महत्या के मामले दिन पे दिन थमने का नाम नही ले रहे हैं शासन एवं वरिष्ठ अधिकारियों को जल्द से जल्द इस दिशा में उचित कदम उठाकर मानसिक तनाव जूझ रहे पुलिसकर्मियों के लिए सीमित और व्यवस्थित कार्यप्रणाली लागू करने की अत्यंत आवश्यकता है”
देवास/मध्यप्रदेश……
मध्यप्रदेश के देवास जिले के अजाक्स थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक अपनी वर्दी में ही थाने में रविवार रात ड्यूटी के दौरान फांसी लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह जब अन्य जवान ड्यूटी पर पहुंचे तो घटना के बारे में पता चला। पुलिस ने तत्काल शव को नीचे उतारा और पीएम के लिए भेजा। जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्राथमिक जांच में पता चला कि है उन्होंने पारिवारिक विवाद के चलते यह कदम उठाया है। पुलिस मामले की जांच कर ही है।
मामला विस्तार से…….
मिली जानकारी अनुसार रविवार रात भदौरिया नाइट ड्यूटी के लिए घर से थाने पहुंचे थे। यहां वे सभी से मिले और बातचीत भी की। रात में वे ड्यूटी पर अकेले थे। देररात उन्होंने थाने के गेट की कुंडी बाहर से लगा दी और ऊपर के फ्लोर पर चले गए। यहां एक खाली रूम में उन्होंने रस्सी से फंदा बनाया और पंखे की कुंडी से बांधकर लटक गए। सुबह जब अन्य जवान थाने पर पहुंचे तो बाहर से कुंडी देख चौंक गए। उन्होंने तत्काल कुंडी खोली और भीतर देखा, लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद वे तत्काल ऊपरी फ्लोर पर पहुंचे,जहां एक रूम में भदौरिया फाँसी के फंदे पर झूल रहे थे। भदौरिया को फंदे पर देख तत्काल उच्च अधिकारियों और परिजनों को सूचित किया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें फंदे से नीचे उतरवाया और पीएम के लिए अस्पताल भेजा।
इसी साल रिटायर होने वाले थे……..
पुलिस के अनुसार मृतक प्रधान आरक्षक गजेंद्र सिंह भदौरिया पिता कंचन सिंह भदौरिया निवासी भिंड हैं। वे अजाक्स थाने में पिछले तीन साल से कार्यरत थे। वे इसी साल मई में रिटायर होने वाले थे, लेकिन सरकार के दो साल और बढ़ाने से उनका कार्यकाल बढ़ गया था।
मृतक अपनी पत्नी के साथ देवास की पुष्पकुंज काॅलोनी में रहते थे। उनके दो बच्चे बेटा और बेटी हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। बेटा इंदौर में बिजनेस करता है औरर परिवार के साथ इंदौर में ही रहता है।
सरल स्वभाव के व्यक्ति थे भदौरिया……
थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों की माने तो भदौरिया बहुत ही सरल और सहज इंसान थे। उनमें किसी भी प्रकार का कोई अवगुण नहीं था। वे अपनी ड्यूटी को बहुत ही गंभीरता से लेते थे। एसपी अंशुमान सिंह के अनुसार भदौरिया किसी पारिवारिक समस्या को लेकर लंबे समय से परेशान थे। संभवत: इसी कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। अभी मामले की जांच की जा रही है, जांच और परिजनों के बयान के बाद ही सही बात सामने आ पाएगी।
थाने में फाँसी के फंदे पर झूलता पुलिसकर्मी…….

