बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के उस कानून को रद्द कर दिया जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को ताउम्र सरकारी बंगला देने का प्रावधान किया गया था।
भोपाल/मध्यप्रदेश…….
पूर्व मुख्यमंत्रियों को ताउम्र सरकारी बंगला देने के प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है जिससे अबपूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले दिए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर मध्य प्रदेश में नेताओं को आवंटित बंगलों पर भी पड़ सकता है मध्य प्रदेश में भी कई नेताओं को बतौर पूर्व मुख्यमंत्री बंगले आवंटित हैं अगर ऐसा हुआ तो कई बड़े नेताओं को अपने सरकारी बंगले छोड़ने पद सकते हैं।
कोर्ट के आदेश के बाद इनके ऊपर लटकी तलवार…….
अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले आवंटित किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इनके बंगलों पर तलवार लटकने लगी है सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री ताउम्र सरकारी आवास में रहने के हकदार नहीं हैं
जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उमा भारती, कैलाश जोशी और बाबूलाल गौर पूर्व मुख्यमंत्री के नाते बंगलों में रह रहे हैं कुछ दिनों पहले शिवराज सरकार ने कैबिनेट में एक प्रस्ताव लाकर पूर्व मुख्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के बराबर सुविधाएं दिए जाने का प्रस्ताव भी पास किया था हालांकि बाद में इसे कोर्ट में चुनौती दे दी गई।
