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जानिए,कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पुलिस अधिकारी पर जूता तान ने की वायरल तस्वीर के पीछे की सच्चाई

भोपाल/मध्यप्रदेश…………..


बीजेपी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय इस समय सुर्खियों में हैं। आकाश विजयवर्गीय इंदौर नगर निगम के कर्मचारी की बल्ले से पिटाई करने के बाद जेल की हवा खा रहे है। इस घटना के कुछ देर बाद ही उनके पिता कैलाश विजयवर्गीय विजयवर्गीय की एक फोटो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी, जिसमें वे एक पुलिस अधिकारी को जूता दिखाते नजर आ रहे हैं। वायरल तस्वीर के बारे में कहा जा रहा है कि उस समय कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के मेयर हुआ करते थे। किसी विवाद के बाद उन्होंने तत्कालीन एएसपी प्रमोद फडनीकर पर जूता तान दिया था। हालांकि, पुलिस अधिकारी ने तस्वीर को लेकर बिल्कुल अलग ही खुलासा किया है।


क्या था पूरा मामला……………


पुलिस अधिकारी प्रमोद फडनीकर ने एक इंटरव्यू में बताया कि वायरल तस्वीर में कैलाश विजयवर्गीय के सामने वे ही हैं। घटना करीब 25 साल पुरानी है इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में पानी की भारी किल्लत थी। जिसे लेकर कैलाश विजयवर्गीय अपने समर्थकों के साथ मुंबई-आगरा हाइवे पर चक्का जाम कर रहे थे। तत्कालीन एएसपी होने की वजह से वे मौके पर पहुंचे उन्होंने पानी की समस्या को लेकर  नगर आयुक्त से चर्चा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कैलाश  विजयवर्गीय चक्का जाम खत्म करने के लिए मान गए।

इसके बाद भी कई दिनों तक पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इस बीच फडनीकर को पता चला कि कैलाश विजयवर्गीय अपने समर्थकों के साथ नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी के घर का घेराव करने वाले हैं। उन्होंने अधिकारी के घर के बाहर सुरक्षा का इंतजाम किया और खुद वहां पहुंचे ताकि विजयवर्गीय को अधिकारी के घर तक पहुंचने से रोका जा सके। घेराव के दौरान विजयवर्गीय एक बार फिर फडनीकर के सामने पहुंचे और अपना जूता दिखाकर शिकायत करते हुए कहा- ‘आपके कहने पर उस दिन हमने धरना खत्म कर दिया था। लेकिन निगम कार्यालय के चक्कर लगाते-लगाते हमारे जूते घिस गए, कुछ नहीं हुआ। अब तो इनके घर जाकर ही बात करनी होगी’।

इसी समय अखबार के एक फोटोग्राफर ने तस्वीर खींच ली तब से कई बार फालतू की खबरों को लेकर यह फोटो चर्चा में आता रहा है।


क्या पुलिस के जवान शांत रहते……….


फडनीकर ने बताया कि विजयवर्गीय का गुस्सा निगम अधिकारी को लेकर था न कि मेरे प्रति। फडनीकर ने कहा ‘मुझे अच्छी तरह याद है कि पुलिस की वर्दी में खड़े व्यक्ति का नाम अरुण जैन है, जो कि तत्कालीन लोकल एरिया स्टेशन के इंचार्ज थे’। उन्होंने कहा कि तस्वीर में देखा जा सकता है कि पास में खड़े अरूण जैन के चेहरे पर किसी तरह का तनाव नहीं था।

सवालिया लहजे में प्रमोद फडनीकर ने कहा अगर कोई नेता किसी पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करने की कोशिश करता तो क्या पास में खड़े पुलिस के जवान शांत रहते?

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