बता दें कि इस शर्मनाक आयोजन में बड़े स्तर पर भोजन का प्रबंध भी किया गया था। पुलिस कर्मचारियों की सड़क हादसे में मौत के बावजूद ऐसे आयोजनों का तत्काल होना पुलिस के अमानवीय चेहरे को प्रदर्शित करता नजर आता है। ऐसे में उन परिवार वालों पर क्या गुजर रही होगी जिनके घर का चिराग और मुखिया चला गया है। इससे पुलिस के इन अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं।
छिंदवाड़ा/मध्यप्रदेश………..
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में पुलिस का असंवेदनशील चेहरा सामने आया है। यहां पर मंगलवार सुबह दो पुलिसकर्मियों की पुलिस वाहन से कुचलकर मौत हो गई थी। इन पुलिसकर्मियों की अभी अंत्येष्टि भी नहीं हुई थी कि पुलिस अधिकारियों ने देर शाम जमकर जश्न मनाया
क्या था मामला…………..

दरअसल, बुधवार को छिंदवाड़ा एसएएफ बटालियन से शव यात्रा पुलिस वाहन में पातालेश्वर क्षेत्र स्थित मोक्षधाम के पास पहुंची थी। पदस्थ एसआई कमल बारासिया की पत्नी की शव यात्रा बटालियन परिसर से मोक्षधाम जा रही थी। शव रथ के पीछे एसएएफ के जवान अपने वाहनों पर थे। उनके पीछे बटालियन की खाली बस चल रही थी। तभी ढलान पर ब्रेक फेल होने से बस एक बाइक पर चढ़ गई। जिससे बाइक चला रहे प्रधान आरक्षक उमाशंकर बघेल(46) पुत्र लक्ष्मण सिंह बघेल और पीछे बैठे एसआई सतपाल सिंह बघेल(48) पुत्र भगवान सिंह बघेल की मौके पर मौत हो गई। दोनों के शव उनके गांव ले जाए गए हैं। जहां गुरुवार को अंतिम संस्कार होगा। इस घटना के बाद जहां जिले भर में शोक लहर है और पुलिस महकमें में भी सदमे का माहौल है, और उधर बुधवार शाम को ही जिला पुलिस अधीक्षक मनोज राय ने एक पार्टी का आयोजन कर डाला। देर शाम शुरू हुई यह पार्टी रात तक चली। इन पुलिसकर्मियों का अभी अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ था कि जिला पुलिस अधीक्षक मनोज राय ने एक पार्टी का आयोजन कर दिया। देर शाम शुरु हुई यह पार्टी रात तक चली। इसमें न केवल फिल्मी गानों पर पुलिस के अधिकारी थिरकते नजर आए बल्कि इन पुलिस अधिकारियों ने गाना भी गाया।

हैरानी वाली बात यह रही कि इस आयोजन में जिला प्रशासन के आला अफसर भी मौजूद थे। जब इन अफसरों को मृतक पुलिसकर्मियों के परिजनों को ढांढस बंधाने जाना था तब ये जश्न मना रहे थे।

पीड़ित परिवार से कोई सरोकार नहीं…………
बहरहाल, पुलिस कर्मचारियों की सड़क हादसे में हुई मौत के बावजूद ऐसे आयोजनों का तत्काल होना पुलिस के अमानवीय चेहरे को साफ प्रदर्शित करता है। वे अपने कार्यक्रम को कुछ दिनों के लिए टाल भी सकते थे, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया।वहीं उन परिवारवालों पर क्या गुजर रही होगी, जिनके घर का चिराग और मुखिया चला गया। पुलिस के इन अधिकारियों को उन परिवारवालों से कोई सरोकार नहीं है।
इनका कहना………….
वहीं इस शर्मनाक आयोजन को लेकर एसपी मनोज राय ने कहा कि यह कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। इसलिए काफी समय पहले ही सभी लोगों को भोज के लिए निमंत्रण भेजा गया था। उन्होंने कहा कि उस घटना से इस कार्यक्रम का कोई लेनादेना नहीं है। उस घटना से पूरा पुलिस विभाग बहुत आहत है। एसपी ने कहा कि वे दोनों पुलिसकर्मियों के साथ ही हुई दुर्घटना से काफी दुखी हैं। इसलिए पहले ही दोनों मृत पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दे दी गई है।
–मनोज राय,एसपी छिंदवाड़ा।
