बांदा/उत्तरप्रदेश…………
उत्तरप्रदेश के बाँदा जिला के कमासिन थाने में तैनात महिला कांस्टेबल नीतू शुक्ला का शव 6 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन एसपी, अपर एसपी, थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। मृतका के पिता सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार शुक्ला शुरू से ही बेटी की मौत को हत्या बता रहे हैं। तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रतिमा सिंह को दोषी बताया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला………….

जानकारी के मुताबिक, मृतका नीतू शुक्ला के भाई राघवेंद्र शुक्ला ने धारा 156(3) के तहत एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी दी थी। लेकिन स्थानीय अदालत ने इसे परिवाद के रूप में दर्ज किया था। इस पर राघवेंद्र ने हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने सीजेएम का आदेश खारिज करते हुए पुन: सुनवाई कर आदेश दिया था। इस पर राघवेंद्र ने अधिवक्ता विनोद कुमार त्रिवेदी के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में पुन: अर्जी दी थी। सुनवाई के बाद सीजेएम नुपुर ने सोमवार को हाईकोर्ट की रिवीजन याचिका का संज्ञान लेते हुए कमासिन थानाध्यक्ष को आदेश दिया है कि अर्जी में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करें।
हत्या कर शव फंदे से लटकाने का आरोप…………
मृतका के भाइयों का कहना है कि कि उनकी बहन की कमासिन थाना परिसर बांदा में हत्या करके शव लटगाया गया था। महिला पुलिसकर्मी के परिवारीजन का आरोप है कि थानाध्यक्ष ने ही बेटी की हत्या करवाने के बाद मामले को आत्महत्या का रूप देने को शव को फांसी पर लटकवा दिया। मृतका सिपाही नीतू के पिता अनिल कुमार शुक्ला भी हरदोई में दारोगा के पद पर कार्यरत हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी के शरीर के बाहरी अंगों पर चोट के निशान पाए गए हैं। इसके साथ ही सुसाइड नोट में लड़की ने चार सिपाहियों पर घोर उत्पीड़न करने का जिक्र है, जिससे यह आत्महत्या का मामला संदिग्ध लग रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस को वहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। पहले पुलिस ने सुसाइड नोट को छुपा दिया था। जिसमें मृतका ने पुलिस महकमे को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।
थाने से संबंधित कोई रहस्य जानती थी मृतिका……….
घरवालों ने बताया कि उसके बिस्तर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें नीतू ने चार सिपाहियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। भाइयों का कहना है कि फोन पर बात करते वक्त मेरी बेटी बेहद डरी-सहमी रहती थी। उन्होंने नीतू की गला घोंटकर हत्या के बाद फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि घटना के समय नीतू किचन में दलिया बना रही थी और वहां दलिया बिखरी मिली। इससे लग रहा है कि उसकी हत्या की गई है। जिस जगह फांसी पर शव लटका मिला, उसके पैर पास ही पड़े बेड के नीचे तक लटक रहे थे। उसके चेहरे समेत शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। परिजन ने आशंका जताई कि वह थाने से संबंधित कोई रहस्य जानती थी जिसे हत्यारोपित दबाना चाहते थे।
