जबलपुर/मध्यप्रदेश…………
आज के फ़ास्ट इंटरनेट युग मे थोड़ी सी चूक बड़ी गलती बन सकती है। दरसअल बीते शुक्रवार को UPSC का रिजल्ट आया। बहुत सारे लोगों की सक्सेस स्टोरी शेयर हो रही है। IAS, IPS और IFS जैसे पदों के लिए टोटल 759 कैंडीडेट्स के नामों का ऐलान हुआ है। इन्हीं में से एक नाम है सुमित कुमार इस नाम के साथ दिक्कत ये है कि मीडिया और सोशल मीडिया पर थोड़ा लफड़ा हो गया है। सबसे पहले एबीपी न्यूज़ ने एमपी में किन्हीं सुमित विश्वकर्मा का इंटरव्यू लिया और टीवी पर चलाया। जिसमें बताया गया कि सुमित 9 साल से मिस्त्री का काम करते हुए UPSC की तैयारी करते रहे। अब उनकी 53वीं रैंक आई है। इसके बाद बहुत सारे मीडिया संस्थानों ने इन्हीं सुमित की सक्सेस स्टोरी छाप दी। जिनमें भास्कर और टाइम्स नाउ हिंदी भी शामिल हैं। अब एबीपी न्यूज़ के उस इंटरव्यू पर जाने पर एरर लिखकर आता है।

इसके बाद सोशल मीडिया पर मिस्त्री से IAS बने सुमित विश्वकर्मा की सक्सेस स्टोरी वायरल हो गई। और इसके बाद सोशल मीडिया पर गरीब मजदूर (मिस्त्री) सुमित विश्वकर्मा को बधाईयों का तांता सा लग गया देखते ही देखते ये न्यूज़ आग की तरह वायरल हुई हर तरफ सुमित ही सुमित दिख रहे थे। जब ये खबर असली सुमित कुमार को पता चली तो उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर इस खबर का खंडन किया।

असली सुमित कुमार ने FB पर पोस्ट लिख सच्चाई बताई…………
जब सुमित को पता चला कि किसी दूसरे सुमित की स्टोरी उनकी बताकर चलाई जा रही है तो उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट लिखा और उसमें खुद से जुड़ी सारी जानकारी शेयर की।


अब जब क्लियर हो गया है कि ये सुमित वो सुमित विश्वकर्मा नहीं है और इन्होंने कभी मिस्त्री का काम नहीं किया है तो इसको शेयर करना बंद कीजिए। एक गलत खबर से किसी का बड़ा नुकसान हो सकता है। आपके पास ऐसा कुछ दिखाई दे जिस पर आपको शक हो तो उसे हमें बताईये।
