“इस भीड़ भरी दुनियां में जहाँ खून के रिश्ते पानी हो रहें हैं, लोगों को अपनी समस्याओं से फुर्सत नही ऐसे में यूपी के हरदोई जिले में आर्थिक तंगी से परेशान एक परिवार जो पूरी तरह टूट चुका था,के लिए दरोगा राहुल सिसौदिया देव दूत बनकर पहुंचे और गरीब परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान कर, दो बच्चियों की पढ़ाई की भी जिम्मेदारी उठाई”
हरदोई/उत्तरप्रदेश………..
हमारे समाज में पुलिस के कई रूप देखनें को मिलतें है पर यूपी पुलिस के दरोगा ने मानवता की अद्भुत मिशाल पेश की उसकी सराहना चहुँ ओर हो रही हैं। दरअसल इसबार यूपी पुलिस गरीब महिला के बेटे के रूप में नज़र आई आर्थिक तंगी से गुजरती महिला को जब बेटे का सहारा मिला तो आँखों से प्रसन्नता की अश्रु धारा बहने लगी और दिल ही दिल मे हज़ारों आशीष अपने इस पुत्र के लिए निकलने लगे। इस भीड़ भरी दुनियां में जहाँ खून के रिश्ते पानी हो रहें हैं। लोगों को अपनी समस्याओं से फुर्सत नही। ऐसे में उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में आर्थिक तंगी से परेशान एक परिवार जो पूरी तरह टूट चुका था,के लिए दरोगा राहुल सिसौदिया देव दूत बनकर पहुंचे दरअसल जब ये बात एक पुलिसवाले को पता चली तो उससे रहा नहीं गया। इस पुलिसकर्मी ने उस परिवार की मदद करने की सोची। इसके बाद वह उस गरीब परिवार के यहां जा पहुंचा, जहां एक मां आंख में आंसू लेकर मदद की राह देख रही थी।
क्या है मामला…………

जानकारी के मुताबिक, हरदोई जिले की रेलवे गंज चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर राहुल सिसौदिया उस परिवार के घर पहुंचे। यहां एक मां अपनी गरीबी की वजह से और बच्चों के भविष्य को लेकर काफी परेशान थी। वह दारोगा को देख अपने आंसू रोक नहीं पाई और फूट-फूट कर रोने लगी।
क्यों रोती हो माँ जी?? मैं हूँ न……….
वहीं, उस मां को रोता देख दारोगा राहुल सिसौदिया भावुक हो गए और उन्होंने मां को समझाते हुए कहा कि रोती क्यों हो…मां जी…मैं हूं न आपका बेटा। दारोगा ने उस मां के आंसू पोछे और इस परिवार को 5100 रुपए की सहायता की। साथ ही दारोगा राहुल सिसौदिया ने उस परिवार की दो बच्चियों को नए स्कूल बैग, जूते दिलवाए। यही नहीं, दारोगा ने इस परिवार की दोनों बच्चियों की इंटर तक की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उठाई है।

