टीकमगढ़/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों पर लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है लेकिन रिश्वतखोर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहें हैं। रिश्वतखोरी इस हद तक बढ़ गई है कि अब अधिकारी व कर्मचारी निर्भीक होकर खुलेआम चेक के माध्यम से भी रिश्वत लेने में नहीं डर रहे हैं।
ताजा मामला मध्यप्रदेश की टीकमगढ़ जिले से है जहां मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक कार्यपालन अभियंता (EE) अखिलेश प्रसाद त्रिवेदी (61) को सागर की लोकायुक्त पुलिस ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसपी लोकायुक्त रामेश्वर यादव के नेतृत्व में निरीक्षक मंजू सिंह और समस्त स्टाफ के द्वारा की गई है। टीम ने अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कपंनी के सागर रीजन के अंतर्गत टीकमगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता अखिलेश प्रसाद त्रिवेदी ने विद्युत चोरी के एक प्रकरण में रानीगंज टीकमगढ़ निवासी किशोर सिंह दांगी से बिलिंग की राशि रिवाईस करने के लिए राहत राशि की आधी राशि 1 लाख रुपये रिश्वत के रूप में मांगी थी।
जिसकी शिकायत किशोर सिंह दांगी ने सागर लोकायुक्त पुलिस से की थी। जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत के एक लाख रुपये की राशि लेते हुये कार्यपालन अभियंता अखिलेश प्रसाद त्रिवेदी को रंगे हाथ पकड़ लिया।
लोकायुक्त के अनुसार कार्यपालन अभियंता अखिलेश प्रसाद त्रिवेदी ने आवेदक किशोर सिंह दांगी के विरुद्ध तैयार विद्युत चोरी प्रकरण में रिवाईस करने के लिए राहत राशि की आधी राशि रिश्वत के रूप में 1 लाख रुपये की मांग की गई थी। जिसके बाद कार्यपालन अभियंता को आज उसके किराये के आवास सुभाष कॉलोनी में आवेदक किशोर सिंह दांगी से रिश्वत के 50 हज़ार रुपये नगद व 50 हज़ार रुपये का चेक लेते हुए पकड़ा है।
