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MP गजब है:थानेदार साहब! सड़क चोरी हो गई,थाने में शिकायत करने पहुंचे लोग,भौंचक्की रह गई पुलिस

बता दें कि मध्यप्रदेश में एक सड़क चोरी हो गई। यह मामला सीधी जिले के मेंडरा गांव का है। यहां कीचड़ से भरी सड़क की जगह पहले मुरम और उसके बाद सीसी रोड की मंजूरी मिलती है। कीचड़ वाली सड़क के ऊपर ये दोनों सड़कें बन भी हैं। सीसी रोड की लागत 10 लाख रुपए आती है। जिस तरह कागजों पर मंजूरी मिली, उसी तरह हिसाब दुरुस्त किया गया, लेकिन गांव वालों को न मुरम की सड़क मिली, न सीसी रोड। वे आज भी कीचड़ से बजबजाती सड़क पर चल रहे हैं। इससे परेशान होकर उप सरपंच और ग्रामीणों ने गुरुवार को अज्ञात चोरों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट लिखवा दी। उन्होंने शिकायती आवेदन में बताया कि गांव में रात तक सीसी रोड थी। सुबह गायब हो गई। इससे पुलिस भी भौंचक्की रह गई।


सीधी/मध्यप्रदेश।

अब तक आपने जरूरत की चीजों या किसी कीमती सामान के चोरी होने के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि, कोई सड़क भी रातों रात चोरी हो सकती है, वो भी कोई छोटा-मोटा टुकड़ा नहीं बल्कि पूरे एक किलोमीटर की सड़क। आप सोच सोच रहे होंगे कि, ये मजाक है, लेकिन मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक गांव में एक किलोमीटर की सड़क चोरी का मामला सामने आया है। यहां रातों रात गांव की 1 किलोमीटर लंबी सीसी से निर्मित सड़क गायब हो गई।
दरअसल,मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक गांव में 20 लाख की लागत बनी एक किलोमीटर लंबी सड़क के रातोंरात गायब होने का मामला सामने आया है। सुबह उप सरपंच और गांव वाले सड़क के गायब होने की पुलिस थाने में शिकायत करने पहुंच गए। इससे पुलिस और जनपद पंचायत सीईओ भी हैरान हैं। पूरा मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा बताया जा रहा है। उप सरपंच और ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि बारिश में यहां से निकलना मुश्किल हो गया है। वे जिस जगह की शिकायत कर रहे हैं, वहां रात तक सड़क थी सुबह तक गायब हो गई। सड़क की चोरी होने का मामला जब जनपद पंचायत पहुंचा, तो CEO भी हैरान रहे गए। जनपद CEO भी स्वीकार किया है कि सड़क चोरी होने की शिकायत मिली है।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,मामला जिले के मंझौली जनपद क्षेत्र के मेंडरा ग्राम पंचायत का है,ग्रांप पंचायत मेंडरा, जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर है।
जहां पर कागज में लाखों की लागत से सड़क बनाई गई। लेकिन बारिश ने सड़क की हकीकत की पोल खोल दी। सड़क के गड्ढों में भरा बरसात का पानी गांववालों का निकलना मुश्किल हो गया है। ग्राम पंचायत कर्मी तो कागज में वर्ष 2017 में 10 लाख की लागत से मुरम की कच्ची सड़क और उसके 6 महीने बाद ही 10 लाख की लागत से पक्की पीसीसी सड़क बना चुके है। जब इस मामले की जानकारी ग्राम पंचायत के उपसरपंच और रहवासियों की हुई तो निमार्ण कार्य एजेंसी मामले की लीपा पोती करने के लिये रात में सड़क बनाने का काम की, लेकिन सुबह होतो ही सड़क चोरी हो गई, अब ग्रामीण रहवासी सड़क चोरी हो जाने का आरोप लगाते हुये मामले की शिकायत जनपद के अधिकारीयों से की है।

रात को सड़क थी, सुबह गायब हो गई

घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीण

गांव के उपसरपंच का कहना है कि बार्ड क्रामक 15 की सड़क रात में अच्छी बनी थी, लेकिन जब सुबह देखे तो सड़क चोरी हो गई बल्कि सड़क बनाने को रखा मुरुम भी गायब हो गया है। कौन चोरी कर ले गया कुछ पता नहींं अब गांव के रहवासियों के साथ मामले की शिकायत जनपद अधिकारियों से करने जा रहा हूं, मेडरा गांव में सड़क की चोरी होने का मामला जब जनपद पंचायत मझौली पहुंचा पंचायत के सीईओ को भी पहली बार मामला सुनते ही हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि ऐसा मामला उन्हें पहली बार सुनने को मिला है। हालांकि उनका कहना था कि गांव वालों ने सड़क की चोरी होने की जो शिकायत दर्ज कराई है, उसे चोरी कहना ठीक नहीं होगा

कागजों पर बना दी,जमीन पर सड़क गायब

भाजपा नेता अखिलेश पांडे ने कहा कि मेंडरा उनके गांव के पास ही है, जहां गांववालों ने सड़क चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। यह भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है। इसकी जांच की जानी चाहिए, क्योंकि सड़क जमीन पर नहीं, बल्कि कागजों पर बनाई गई है।
उपसरपंच का कहना है कि मामले की पड़ताल की, तो जनपद पंचायत कार्यालय के अन्य अधिकारियों ने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि ऑफ कैमरा लोग यह बात जरूर कहते नजर आए कि सड़क कभी बनी ही नहीं थी। इसे बनाने के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है।

इनका कहना

उनका कहना है कि वे हाल ही में यहां नियुक्त हुए हैं और उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है, वे जांच कराएंगे।इसके बाद ही तथ्य सामने आएंगे उसकी के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल यह पूरा मामला भ्रष्टाचार जुड़ा है, लेकिन कुम्भकर्णी नींद में सो रहे जिला प्रशासन के अधिकारियों की नींद अब तक नहीं खुल सकी है। ग्रामीण रहवासी सड़क चोरी होने की शिकायत दर्ज कराकर अधिकारियों नीद से जगाने का काम किये है, अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में अधिकारी आगे क्या कुछ रुख अख्तियार करते हैं।

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