सिंगरौली/रीवा/मप्र।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी व कर्मचारियों पर लोकायुक्त का शिकंजा लगातार कसा हुआ है बावजूद इसके रिश्वत खोरी है कि कम होने का नाम नहीं ले रही है। रीवा लोकायुक्त पुलिस ने सिंगरौली जिले में दबिश देकर नवानगर थाने में पदस्थ एक भ्रष्टाचारी प्रधान आरक्षक जानकी प्रसाद तिवारी को 10 हजार की रिश्वत लेते हुए
रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी ने कोल माइंस की गाड़ियों की इंट्री के एवज में रकम मांगी थी। लेकिन बिना पैसे लिए ट्रांसपोर्टर को परेशान कर रहा था।
ट्रांसपोर्टर रीवा लोकायुक्त एसपी के पास पहुंचा था। जहां आवेदन का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई। ऐसे में मंगलवार की सुबह निगाही मोड़ के पास रिश्वत के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया है। अब लोकायुक्त की टीम आरोपी प्रधान आरक्षक को लेकर विश्राम गृह पहुंची है। जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,रीवा लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि मंगलवार की सुबह जानकी प्रसाद तिवारी प्रधान आरक्षक 85 थाना नवानगर जिला सिंगरौली को 10 हजार की रकम के साथ पकड़ा गया है। उसके खिलाफ शिकायतकर्ता एवं ट्रांसपोर्टर उमाशंकर दुबे ग्राम कचनी जिला सिंगरौली कुछ दिन पहले रीवा कार्यालय पहुंचकर शिकायती आवेदन दिया था।
ट्रांसपोटर का आरोप था कि कोल माइंस की गाड़ियों की इंट्री के एवज में प्रतिमाह 15 हज़ार की मांग की गई थी। महीना न देने पर चालक से लेकर पूरे स्टाफ को परेशान किया जा रहा था। सत्यापन उपरांत शिकायत सही पाई गई। ऐसे में ट्रैपिंग के लिए डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार के मार्गदर्शन में निरीक्षक जियाउल हक के नेतृत्व वाली 12 सदस्यीय टीम भेजी थी।
इनका कहना
लोकायुक्त एसपी ने बताया कि आरोपी पुलिसकर्मी ने ट्रांसपोटर को निगाही मोड़ पर बुलाया था। जिसकी जानकारी पहले ही ट्रांसपोर्टर ने लोकायुक्त को दे दी थी। ऐसे में 12 सदस्यीय दल सिविल कपड़े में खड़ा था। जैसे ही ट्रांसपोर्टर ने 15 हज़ार रुपए दिए और आरोपी प्रधान आरक्षक ने जेब में पैसे रखे। तभी इशारा समझते ही लोकायुक्त ने धर दबोचा है।
आदिम जाति कल्याण विभाग का बाबू रिश्वत लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा

दमोह/सागर/मप्र।
लोकायुक्त ने आदिम जाति कल्याण विभाग के बाबू पीएल कोरी को तीन हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू ने छात्रा की एफडी तुड़वाने के लिए पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। फरियादी ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त से की, जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर बाबू को रंगे हाथों घूस लेते हुए पकड़ लिया। यह कार्रवाई सागर लोकायुक्त ने की है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,दमोह कलेक्ट्रेट में संचालित आदिम जाति कल्याण विभाग के बाबू को सागर लोकायुक्त ने 3 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा है। आरोपी पीएल कोरी पथरिया के लखरोनी निवासी रेवाराम अहिरवाल से एससीएसटी के एक मामले में शासन से मिलने वाली राहत राशि के एवज में 5 हज़ार की रिश्वत मांग रहा था। परेशान होकर रेवाराम ने सागर लोकायुक्त एसपी को शिकायत की थी।
रेवाराम ने बताया कि कई बार निवेदन करने के बाद भी बाबू नहीं मान रहा था। इसके बाद उसने शिकायत की। इसके पहले वह आरोपी बाबू को दो बार एक-एक हजार दे चुका था। वह 3 हजार और मांग रहा था। शिकायत के बाद मंगलवार दोपहर वह टीम के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा। टीम ने उसे 3 हजार रुपए दिए थे, जिसे उसने आरोपी बाबू को दिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
