ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
ग्वालियर की लोकायुक्त पुलिस (Gwalior Lokayukt Police) ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट में पदस्थ एक क्लर्क रविंद्र राजपूत को 900 रुपये की रिश्वत (bribe) लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक अख़बार के रजिस्ट्रेशन के लिए स्थाई नंबर दिलाने के लिए वैरिफिकेशन के लिए रिश्वत की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,साैरभ सक्सेना पुत्र रवींद्र कुमार सक्सेना निवासी सुमेर सिंह का बाड़ा फाेर्ट राेड ने समाचार पत्र के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था। आवेदक काे लिपिक रविंद्र राजपूत सहायक ग्रेड तीन काफी समय से चक्कर लगवा रहा था, लेकिन काम नहीं कर रहा था। काफी परेशान हाेने के बाद जब साैरभ ने बाबू से गुहार लगाई ताे उसने कहा कि रजिस्ट्रेशन न्यूज पेपर फॉर इंडिया में ग्वालियर शाैर्य के रजिस्ट्रेशन का स्थाई नंबर जारी करने के एवज में 900 रुपए देना हाेंगे। साैरभ ने इसके लिए हामी भर दी, साथ ही इसकी शिकायत लाेकायुक्त में भी दर्ज कराई।

इसके बाद लाेकायुक्त की टीम ने पैसे लेकर आज साैरभ काे कलेक्ट्रेट में कमरा नंबर 106 में लिपिक रवींद्र राजपूत के पास भेजा। जैसे ही बाबू ने पैसेे हाथ में लिए लाेकायुक्त की टीम तुरंत पहुंच गई। बाबू काे जब पता चला कि सामने खड़े अधिकारी लाेकायुक्त से हैं ताे उसके हाेश उड़ गए। पहले ताे बाबू ने खुद काे पाक साफ बताते हुए रिश्वत लेने से इंकार कर दिया, लेकिन जब टीम ने हाथ धुलवाए ताे दूध का दूध और पानी का पानी हाे गया। खबर लिखे जाने तक लाेकायुक्त की टीम कलेक्ट्रेट में कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
