बता दें कि सहकारिता में हुए 100 करोड़ से अधिक के घोटाले के मामले में भी भार्गव लिप्त है। इसी वजह से उसको विभाग ने एक माह पूर्व निलंबित भी कर दिया था। भार्गव का वेतन वर्तमान में 12 हज़ार 500 रुपए है। जबकि संपत्ति करोड़ों में आंकी जा रही है। वह कई सालों से समिति प्रबंधक के रूप में कार्य कर रहा है। अनेक गंभीर शिकायतों के बाद भी उसे कभी हटाया नहीं गया।
शिवपुरी/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों द्वारा लगातार शिकंजा कसा हुआ है बावजूद इसके ऐसा लगता है कि शासकीय कार्यालयों में भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरे तक फैली हुई है। ताजा मामला मध्यप्रदेश की शिवपुरी जिले से है जहां ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ) ग्वालियर की टीम ने आज तड़के लगभग 5 बजे शहर की विजयपुरम कालोनी में स्थित पेक्स सोसाइटी (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति) पचावली के समिति के सहायक प्रबंधक माधुरी शरण (एमएस) पुत्र देवी शरण भार्गव के निवास पर छापामार कार्रवाई काे अंजाम दिया। विजिलेंस टीम को बड़ी मात्रा में समिति प्रबंधक के पास से अनुपातहीन संपत्ति मिली है। जिसके दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। मिली संपत्ति का आंकलन करोड़ों में है। उसके पास से 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिलने का अनुमान है।जिसमें बड़े पैमाने पर अचल संपत्ति सहित सोना और अन्य संपत्ति मिलने की बात कही जा रही है।
माधुरीशरण के विरुद्ध एसपी ईओडब्ल्यू ग्वालियर अमित सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 13(1)ख 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि माधुरीशरण के खिलाफ दो साल से जांच चल रही थी। उनके खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत थी और वहां भी विशेष स्थापना पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू अमित सिंह के निर्देशन में ईओडब्ल्यू डीएसपी सतीश चतुर्वेदी, निरीक्षक यशवंत गोयल, शैलेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर भीष्म तिवारी, योगेंद्र दुबे घनश्याम भदौरिया, महिला एसआइ नीलम श्रीवास्तव, एकता दीक्षित, भक्ति पाराशर, आरक्षक नरेश, सत्य प्रकाश ने शिवपुरी में पेक्स साेसायटी के प्रबंधक के घर छापा मारा। टीम के साथ पुलिस लाइन शिवपुरी का फोर्स भी मौजूद रहा। अधिकारिक जानकारी के मुताबिक मात्र 12 हज़ार 500 रुपये वेतन पाने वाले माधुरी शरण भार्गव की सेवा में आने से आज तक कुल वेतन से अर्जित आय ही 13 लाख हो रही है, जबकि उसके यहां से आय के अनुपात से कई गुना अधिक संपत्ति मिली है।
जांच में अभी तक इन संपत्ति का हुआ खुलासा

जांच के दौरान कई हेक्टेयर भूमि और अन्य अचल संपत्ति मिली है।
ग्वालियर बायपास पर करीब एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की टाइल्स की दुकान है। 0.52 हेक्टेयर 0.57 हेक्टेयर और 0.32 हेक्टेयर भूमि पचावली में हाेने के प्रमाण मिले हैं। गणेश कालोनी में दुकान, एक फोर व्हीलर कार, 2 मोटर साइकिल, 1 एक्टिवा, कृष्ण पुरम में आलीशान भवन, माधुरी शरण की पत्नी रजनी के नाम पचावली में 0.90 हेक्टेयर भूमि, 0.74 हेक्टेयर भूमि मनियर, 0.14 हेक्टेयर का प्लाट, 0.010 हेक्टेयर का प्लाट, कोलारस के जगतपुर में प्राइम लोकेशन पर 3000 वर्ग फीट का प्लाट मिला है। इसके अलावा इंद्रपुरम में दो मंजिला मकान पत्नी रजनी के नाम मिला है।
इसी मकान के सामने पुत्र गिर्राज के नाम एक दो मंजि़ल मकान, दो मंजिल मकान पचावली में और एक स्वीट शाप भी है। शिवपुरी में ही एक और निर्माणाधीन मकान 2 मंजिल मकान मिला है। माधुरी शरण की पत्नी रजनी के नाम 1525 वर्ग फुट का प्लाट मनियर शिवपुरी में मिला है। गिर्राज पुत्र माधुरी शरण शर्मा के नाम पचावली में 2.86 हेक्टेयर भूमि 1.41 हेक्टेयर भूमि शिवपुरी के मनियर में 0.006 हेक्टेयर का प्लाट माधुरी शरण के भाई कृपा शरण के नाम है, जो सेल्स मेन है। इसके नाम भी पचावली में भूमि और मनियर शिवपुरी शहर में भूखंड मिले हैं।
मामले में रोचक पहलू

मामले में सबसे रोचक पहलू यह है कि जब पुलिस टीम कार्रवाई के लिए सुबह उसके घर पहुंची तो उसने दरवाजा ही नहीं खोला। पुलिस टीम सुबह 5 बजे भार्गव के घर पहुंची तब आरोपी भार्गव ने दरवाजा खोलने से मना कर दिया। इसके बाद एक पुलिसकर्मी पास वाले मकान के सहारे से ऊपर चढ़ा और दरवाजा खोल कर टीम घर में घुसी व कार्रवाई को अंजाम दिया।
किसानों और गरीबों के हक पर डाका डालकर इस मुकाम तक पहुंचा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भार्गव समिति के माध्यम से किसानों की फसल खरीदने का काम करते हैं। यहां किसानों के हक पर डाका डालने के अलावा फर्जी सिकमी बटाईदार बनकर बाजार का गेंहू सरकार को बेचने, कंट्रोल संचालन कर गरीबों के हक का राशन डकार कर पैसा बनाया। किसानों को ऋण वितरण, ऋण माफी के माध्यम से भी पैसा बनाए जाने का खेल खेला गया। इतना ही नहीं गरीबों का हक डकारकर व्यापार किया तो पैसा और तेजी से बढ़ता चला गया।
