बता दें कि इंदौर के चिरायु अस्पताल में मरीज के परिजनों ने नर्स और वहां के स्टाफ के साथ की मारपीट बताया जा रहा है कि अस्पताल में ज्यादा बिल बना दिया था इसी बात से भड़क गए परिजन और उन्होंने पिटाई कर दी नर्स की और स्टाफ की लेकिन यह पूरी तरीके से गलत है अगर ज्यादा बिल बना था तो उन्हें शिकायत करना थी कलेक्टर को और थाने में इस तरीके से किसी के साथ भी मारपीट करना पूर्ण रूप से गलत है। और अस्पताल के प्रबंधकों को भी समझना चाहिए इस कठिन दौर में किसी की मजबूरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए।
इंदौर/मध्यप्रदेश।
इंदौर की चिरायु अस्पताल में आज पेशेंट के परिजनों और डॉक्टरों में जमकर मारपीट हुई और लात घूंसे चले। दरअसल,मामला बिल को लेकर हुए विवाद का था, Covid के मरीज और उसकी दो बेटियां चिरायु अस्पताल में भर्ती थी जिसमें मरीज के परिजनों का आरोप है की चिरायु अस्पताल में उनका इलाज सही नहीं हो रहा था और इसीलिए मरीज को महेश्वरी अस्पताल शिफ्ट कराया जा रहा था,भर्ती करते समय अस्पताल में बेड का 1 दिन का किराया 3 हज़ार बताया गया था जब के बिल बनते समय उसी का किराया 10 हज़ार जोड़ा गया और कुल बिल 19 हज़ार हो गया जिस पर विवाद इतना बढ़ गया की परिजनों और अस्पताल प्रशासन के बीच में जमकर मारपीट हुई।
इनका कहना
सीएसपी कोतवाली बीपीएस परिहार से हुई बातचीत में उन्होंने बताया की दोनों ही पक्ष अपनी शिकायत लेकर चंदननगर थाने पहुंचे जहां मामले को देखते हुए सीएसपी भी पहुंचे और दोनों पक्षों की शिकायत लेकर जांच शुरू कर दी है, दोनों ही पक्षों को मेडिकल के लिए भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद और जांच में तथ्य आने के बाद विधि सम्मत मामला दर्ज किया जाएगा।
