बता दें कि सहायक निरीक्षक राकेश रायकवार 2 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। इस मामले की तफ्तीश ये बात सामने आयी है कि निरीक्षक सत्यनारायण बजाज ने पीड़ित से 10 हजार की रिश्वत मांगी थी,लेकिन निरीक्षक बजाज आज छुट्टी पर था। जिसके चलते रिश्वत के रुपए सहायक निरीक्षक को देने को कहा था।
उज्जैन/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में कृषि उपज मंडी में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त ने सहायक निरीक्षक राकेश रायकवार को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पीड़ित ने इसकी शिकायत उज्जैन लोकायुक्त में की थी। जांच उपरांत शिकायत सही पाए जाने पर उज्जैन लोकायुक्त ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। इसके बाद जब आरोपी पीड़ित से रिश्वत के रुपए ले रहा था, इसी दौरान लोकायुक्त ने गिरफ्तार कर लिया। सहायक निरीक्षक के खिलाफ एक हम्माल की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई को फरियादी भागीरथ खांडेकर का ठेला जब्त किया गया था। ठेला छोड़ने के एवज में मंडी निरीक्षक सत्यनारायण बजाज ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। फरियादी पांच हजार रुपये देने को तैयार हुआ। फरियादी हम्माल ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की थी।
सोमवार को वह दो हजार रुपये देने के लिए आया तो बजाज ने उसे ये पैसे राकेश रायकवार को देने को कहा। रायकवार जब पैसे ले रहा था, तभी लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
लोकायुक्त के डीएसपी वेदांत शर्मा ने कहा कि फरियादी की शिकायत की पहले तस्दीक की गई। जब मामला सही होने का पता चला तब सोमवार सुबह कार्रवाई की गई।
फरियादी ने बताया कि उसका ठेला बिना कारण जब्त किया गया था। इसके चलते वह मजदूरी नहीं कर पा रहा था। उसने मंडी निरीक्षक से ठेला छोड़ने की कई बार गुजारिश की, लेकिन वह तैयार नहीं हुए। उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि रिश्वत दे सके। कोई उपाय नहीं देख उसने लोकायुक्त में शिकायत की।
