बता दें कि जबलपुर स्थित कलेक्ट्रेट में आज उस वक्त अफरातफरी मच गई जब लोकायुक्त टीम को देखते ही रिश्वत के 19 हजार रुपए फेंककर संभागीय पेंशन अधिकारी चैतन्य सराफ ने दौड़ लगा दी, जिन्हे किसी तरह समझाते हुए रोका आफिस के अंदर विधिवत कार्यवाही की है। पेंशन अधिकारी के रिश्वत लेते पकडऩे जाने की खबर के बाद कलेक्टर कार्यालय में हड़कम्प मचा रहा।
जबलपुर/मध्यप्रदेश।
लोकायुक्त की टीम ने बुधवार की दोपहर 3 बजे के लगभग पेंशन अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। बताया जा रहा है सहायक पेंशन अधिकारी चेतन सराफ के हाथ पानी में डाले गए तो पानी रंगीन हो गया। शिकायत मिली थी कि वह 7वें वेतनमान का फिक्सेशन करने के लिए प्रति सेवा पुस्तिका 500-500 की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत पर टीम ने कार्रवाई की जिसमें चेतन सराफ रिश्वत लेते पकड़ा गया।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त इंस्पेक्टर स्वप्रिल दास ने बताया कि विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पाटन में पदस्थ सहायक ग्रेड टू रवि मिश्रा पिता स्वर्गीय उमादत्त मिश्रा निवासी नवनिवेश कालोनी गंगा नगर गढ़ा ने कलेक्ट्रेट स्थित संभागीय पेंशन अधिकारी कार्यालय में शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक स्कूल पाटन संकुल केंद्र जबलपुर वेतनमान की 38 सेवा पुस्तिका का अनुमोदन करने के लिए दिया, जिसपर सहायक पेंशन अधिकारी चैतन्य सराफ ने प्रति सेवा पुस्तिका 5 सौ रुपए के हिसाब से 19 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
रवि मिश्रा ने इस बात की शिकायत लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा से की, इसके बाद आज रवि मिश्रा कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित आफिस में पहुंचे, जैसे ही उन्होने 19 हजार रुपए की रिश्वत सहायक पेंशन अधिकारी चैतन्य सराफ को दी, चैतन्य सराफ ने जैसे ही रुपए हाथ में लिए तभी लोकायुक्त टीम के इंस्पेक्टर स्वप्रिल दास, भूपेंद्र दीवान, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, आरक्षक दिनेश दुबे, अमित मंडल व विजय बिष्ट ने दबिश देकर रंगे हाथ पकड़ लिया।
अकेले नहीं लेता था रुपया

खबर यह है कि लोकायुक्त टीम के हत्थे चढऩे के बाद सहायक पेंशन अधिकारी चैतन्य सराफ द्वारा और भी कई अधिकारियों के नाम लेते हुए कहा है कि वह अकेले ही रिश्वत की राशि नही लेता था, इसमें और भी लोगों का हिस्सा होता है। चैतन्य सराफ द्वारा अधिकारियों के नाम लिए जाने के बाद चर्चाओं का दौर शुरु हो गया है।
