HomeNews Headlinesखाकी वर्दी में महिला सिपाही के कर्त्तव्य और मातृत्व की अनूठी छवि...

खाकी वर्दी में महिला सिपाही के कर्त्तव्य और मातृत्व की अनूठी छवि देख भावुक हुए लोग

माँ की ममता कभी हार जाए ऐसा संभव नहीं है एक महिला के लिए नैतिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए स्वयं को संयमित बनाए रखना बड़ी चुनौती है। लेकिन अपनी ड्यूटी के दौरान स्वास्ति सिंह का मुस्कुराता चेहरा उनकी सकारात्मकता को ही प्रदर्शित कर रहा है।



लखनऊ/उत्तरप्रदेश………..


खाकी वर्दी में कर्त्तव्य और मातृत्व की अनूठी छवि देखने को मिली एक तरफ वर्दी में कर्तव्य निभाती एक सख्त सिपाही तो दूसरी ओर उसी वर्दी में कोमल हृदय के मातृत्व की छवि। एक महिला अपने जीवन मे कितने किरदार निभाती हैं। इसका जीता जागता उदाहरण यूपी में देखनें को मिला एक तरफ ड्यूटी हो और दूसरी तरफ माँ की जिम्मेदारी तो निभाने में थोड़ा दिक्कत तो होती ही होगी। लेकिन माँ की ममता हार जाए ऐसा संभव नहीं है,एक साथ दोनों जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही है लखनऊ जनपद के गाजीपुर थाने में तैनात महिला कांस्टेबल स्वास्ति सिंह। कहते हैं दुनिया मे सबसे बड़ा रिश्ता एक माँ और उसके बच्चे का होता है, और इसे कभी भी परिभाषित करने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि इसके उदाहरण पूरी दुनिया में आये दिन देखने को मिल जाते हैं ऐसा ही एक दृश्य लखनऊ के निराला नगर स्थित माधव सभागार में देखने को मिला, जिसे देखकर किसी भी इंसान का दिल भावुक हो जाएगा। महिला सिपाही स्वास्ति सिंह चौहान आजकल हर जगह ड्यूटी पर कुछ ऐसे ही नजर आती हैं, परिस्थिति चाहें कैसी भी हो, लेकिन वो अपने बच्चे को कभी छोड़ती नही है।


क्या है मामला…………



बता दें कि स्वास्ति लखनऊ में अकेली रहती हैं और बच्चे की देखरेख करने वाला कोई नहीं हैं। जिसके चलते बच्चे की देखभाल करने के लिए स्वास्ति को बच्चे को हमेशा अपने साथ रखना पड़ता है। स्वास्ति से जब होने वाली दिक्कतों के बारे में पूछा तो उनका जवाब था कि मैं एकसाथ दो फर्ज निभा रही हूं, सिपाही होकर देश के लिए और माँ होकर अपने बच्चे के लिए।

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!