“ये कौन है जो घुप्प अंधेरे में रोशनी जला रहा है,
ठंड से ठिठुरते हुए गरीबों को चादर ओढा रहा है”
अयोध्या/उत्तरप्रदेश…………….
खाकी के आपने अनेक रूप देखें होंगे,लेकिन खाकी का यह रूप भी अनूठा हैं। हमेशा समाज सेवा के कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने वाले इस दरोगा की बात ही निराली है। क्योंकि इस दरोगा से गरीबों के दुःख देखे नही जाते कभी किसी आनाथ बहन के लिए जरूरत पड़ने पर भाई बन जातें हैं, तो कभी किसी बुजुर्ग महिला के बच्चे, त्योहारों पर अवकाश न मिलने पर ये दुःख नही करतें बल्कि अपने क्षेत्र की गरीब जनता को अपना परिवार मानकर उनके साथ धूम धाम से त्योहार मानते हैं।आईये आपको मिलवातें हैं यूपी पुलिस के ऐसे ही दरोगा रणजीत यादव से जो भारत की पावन धरा अयोध्या में रामजन्मभूमि की सुरक्षा में तैनात हैं। शायद इसी धरा का चमत्कार कहें या उनका मानवीय हृदय जो गरीबों के लिए संवेदनाओं से भरा पड़ा है।
दरअसल,रामजन्मभूमि परिसर में सुरक्षा ड्यूटी से लौट रहे दरोगा की नज़र जब ठंड से काँप रहे कुछ यात्रियों पर पड़ी तो उनसे गरीबों का दर्द देखा नही गया उन्होंने तुरंत उनके लिए नए कम्बल दुकान से खरीद कर उन्हें दिये।
दरअसल,जनपद-अयोध्या के थाना-पटरंगा में नियुक्त दरोगा रणजीत यादव अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते हुए रक्तदान ,पौधरोपण ,यातायात ,सुरक्षा और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना जैसे सामाजिक सरोकारों में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। इनके द्वारा गर्मी के मौसम में बेजुबानों के लिए थोड़ा सा दाना थोड़ा सा पानी मुहिम चलाया गया था।
रणजीत यादव बताते हैं कि वैसे ही जाड़े से लोग परेशान थे उस पर बारिश हो जाने के कारण कंपा देने वाली ठंडी अचानक पड़ने लगी। दूर दराज से प्रभु श्रीराम जी का दर्शन करने आये सारे यात्री तो नई चादर या कम्बल खरीद नहीं सकते थे, इसी वजह से ये ज्यादा परेशान हुए थे। मैंने कुछ जरूरत मंद लोगो की मदद किया और मुझे बहुत सुकून मिला। मैं लोगो से अपील करता हूँ कि आप लोग भी इस तरह के समाज के गरीब और असहाय लोगो की मदद करें। इस मौके पर समाजसेवी प्रदीप यादव और डाबर यादव गोलू ने दरोगा के इस पुनीत कार्य मे सहयोग किया। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने दरोगा के इस नेक काम की सराहना किया।
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