सोनकच्छ/देवास/मप्र………..
घने कोहरे की वजह से इंदौर-भोपाल हाईवे पर शुक्रवार सुबह हुए एक सड़क हादसे में महिला बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे देवास रैफर किया गया है। हादसा हाईवे पर एसडीओपी कार्यालय के समीप हुआ, जहां एक तेज रफ्तार बस ने आगे चल रही कार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि कार का पिछला हिस्सा पूरी तरह से चिपक गया, वहीं बस का अगला हिस्सा क्षतिक्रस्त हो गया। पुलिस ने लोगों की मदद से सीट तोड़कर अधिकारी और ड्राइवर को निकाला।
क्या है मामला…………
मिली जानकारी अनुसार हादसे में महिला बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी रंजीतसिंह जमरा की मौत हो गई है। वहीं झाबुआ निवासी शंकर भूरिया को गंभीर चोट आई है, जिसे सोनकच्छ में प्राथमिक उपचार के बाद देवास रैफर कर दिया गया। मृतक जामरा झाबुआ में पदस्थ थे। भोपाल में शुक्रवार को प्रधानमंत्री मातृत्व योजना की समीक्षा की बैठक थी। बैठक में शामिल होने के लिए मृतक जमरा ड्राइवर शंकर के साथ कार से भोपाल के लिए निकले थे।
घना कोहरा होने की वजह से सड़क स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थी। सोनकच्छ के एसडीओपी कार्यालय के पास जैसे ही इनकी कार पहुंची, पीछे से आ रही एक यात्री बस ने इनकी कार को अपनी चपेट में ले लिया। तेजगति होने से बस ने कार को दो बार टक्कर मार दी, जिससे कार सड़क से नीचे उतर गई, जबकि टक्कर के बाद बस भी अनियंत्रित होकर दूसरी ओर सड़क के नीचे उतर गई और एक पेड़ से जा टकराई। हादसे में बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि बस सवार कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन कार के परखच्चे उड़ गए, जिस कार दोनों लोग कार की अगली सीट पर फंस गए।

हादसे के बाद कार का पिछला हिस्सा चिपककर बीच वाली सीट तक पहुंच गया, जबकि अगले हिस्से के कलपुर्जे अलग-अलग हो गए। वहीं बस का अगला हिस्सा पेड़ में टकराने की वजह से चकनाचूर हो गया। हादसे के बाद पुलिस ने कार और बस दोनों को जब्त कर लिया है। वहीं शव को सोनकच्छ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रखा गया, जहां पीएम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार हादसा घने कोहरे की वजह से होने की बात प्राथमिक तौर पर सामने आई है।

