मशहूर भजन गायक विनोद अग्रवाल ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। विनोद अग्रवाल के लीवर में इंफेक्शन की शिकायत होने के बाद उन्हें बीती शाम रविवार को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्होंने 6 अक्टूबर को सुबह 4 बजे अंतिम सांस ली।
मथुरा/उत्तरप्रदेश…………
हे गोविंद, राधिका गोरी से, मेरे तो गिरधर गोपाल, मुझे मिला रंगीला यार, जय कन्हैया लाल, मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है…' जैसे भजन गाने वाले प्रसिद्ध गायक विनोद अग्रवाल अब इस दुनिया में नहीं रहे। मंगलवार की सुबह विनोद अग्रवाल ने यूपी के मथुरा में अंतिम सांस ली। उन्हें सीने में दर्द के बाद एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज सुबह चार बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि विनोद अग्रवाल की मौत मल्टिपल ऑर्गन फेल होने से हुई है। वृंदावन में अपने परिवार के साथ रहने वाले विनोद अग्रवाल 63 साल के थे। रविवार को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। घरवालों ने उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। यहां दो दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। धीरे-धीरे उनके सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया। मंगलवार सुबह चार बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जीवन परिचय………….
विनोद अग्रवाल का जन्म दिल्ली में 6 जून, 1955 को हुआ था। 1962 में उनके माता-पिता मुंबई चले गए थे। विनोद ने 12 साल की उम्र से ही भजन गाना शुरू कर दिया था। उनके भजन सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब पसंद किए जाते हैं। वह राधा और कृष्ण पर केंद्रित भजन ही गाते थे। उन्होंने देश और विदेश में 1500 से ज्यादा लाइव परफॉर्मेंस भी दिए हैं। उनके कृष्ण भजन सिंगापुर, इटली, ब्रिटेन, स्विजरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, आयरलैंड और दुबई जैसे देशों में भी खूब पसंद किए जाते थे।
