इंदरगढ़/सेंवढ़ा/मप्र………….
ग्राम थरेट में 6 दिन पहले अवैध उत्खनन को लेकर बाजार बंद कराया था। और कसवे से निकलने वाले रेत से भरे वाहनों की हवा निकाल कर उन्हें अधिकारिंयों को दिखाने के लिए खड़ा कर दिया था। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अवैध खनन की अनदेखी करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को भी हरकत में आना पड़ा।
मौके पर पहुँचे एसडीएम सेंवढ़ा राकेश परमार को ग्रामीणों ने घेर लिया था। जिससे ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने 29 वाहन जप्त किये थे। रेत से भरे ये वाहन कंजौली घाट से रेत लेकर आ रहे थे। जबकि कागजों में ये खदान बंद हैं। अब इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिना प्रशासन की संलिप्तता के ये कैसे हो सकता है। प्रशासन चुपचाप रेत का अवैध उत्खनन होने दे रहा है। जब ग्रामीणों ने बाजार बंद किया तब जाकर कुम्भकर्ण की नींद में सोया प्रशासन जागा।
ऐसे सम्पूर्ण हालात गोराघाट, इंदरगढ़, सेंवढ़ा में बने हुए हैं। रात होते ही मंडी सज जाती है और शुरू होता है खेल रेत माफियाओं का रात के समय खुलेआम रेत के अवैध उत्खनन कर रहे ट्रैक्टर ट्रॉली, डम्पर का कई थानों की सीमाओं को लांघते हुए निकलते देखा जा सकता हैं जिसमें थाना गोराघाट, इंदरगढ़, सेंवढ़ा और थरेट शामिल हैं। ऐसा नही की इन्हें जानकारी ना हो लेकिन साहब सब सेटिंग का खेल है। जब कोई ईमानदार अधिकारी एवं नागरिक इनके खिलाफ आवाज़ बुलंद करता है तो ये रेत माफिया उस आवाज को दबाने में पूर्ण रूप से सक्षम है।
कार्यवाही के 6 दिन बाद फिर सजने लगी मंडी…………
रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि कार्यवाही के 6 दिन बाद थरेट ग्राम टोड़ा में अवैध रेत का भंडारण खुले खेतों में किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप हैं कि अवैध रेत से भरे वाहनों सड़के खराब हो रही है। साथ ही शासन को करोड़ो के राजस्व का नुकसान हो रहा है अवैध रूप से तेज़ गति से फर्राटे मारते इन वाहनों से हरवक्त दुर्घटनाओं का डर बना रहता है। साथ मे उनके मवेशी घायल हो रहे हैं।
रेत माफियाओं अवैध उत्खनन की नई तरकीब निकाली……….
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध उत्खनन कर रहे ट्रकों को इस तरह से ढांका गया था कि कोई समझ न सके कि वाहन रेत से भरे हैं। उन्हें तिरपाल से ढांककर रेत को ले जाया जा रहा था।
NGT के आदेश अनुसार…………
एनजीटी के आदेश अनुसार पूरे देश मे 30 सितंबर तक सारी रेत की खदाने बंद है। फिर भी अवैध उत्खनन प्रशासन की नाक के नीचे लगातार जारी है। रात होते ही बेधड़क सड़कों पर दौड़ने लगतें है वाहन।
इनका कहना…………
प्रशासन ने विगत दिवस ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए कार्यवाही की थी। अगर रेत माफिया दुबारा अवैध उत्खनन कर रहे हैं तो ये जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है और कार्यवाही वो ही कर सकतें है। अगर कार्यवाही के दौरान वो सहायता माँगते है तो फ़ोर्स उपलब्ध कराया जाएगा।
— संजय सिंह,थाना प्रभारी थरेट।
