Home News Headlines पीएमटी फर्जीवाड़ा मामलें में शिकायतकर्ता आशीष चतुर्वेदी को कोर्ट ने जेल भेजा,गवाही...

पीएमटी फर्जीवाड़ा मामलें में शिकायतकर्ता आशीष चतुर्वेदी को कोर्ट ने जेल भेजा,गवाही देने से किया था इनकार

ग्वालियर/मध्यप्रदेश………..


व्यापमं महाघोटाले को उजागर करने वाले आशीष चतुर्वेदी को अदालत ने गवाही के लिए 19 अवसर दिए जाने के बाद भी गवाही नहीं देने पर गुरुवार को दो सौ रुपए के जुर्माने से दंडित किया। चतुर्वेदी द्वारा अदालत के पूछे जाने पर जुर्माना अदा करने से इंकार करने पर उसे पन्द्रह दिन की सजा भुगतने के लिए केन्द्रीय जेल भेज दिया। एक घंटे बाद ही आशीष की ओर से दो सौ रुपए का जुर्माना अदा किए जाने के बाद उसे रिहा किए जाने के आदेश भी जारी कर दिए। इसके बाद उसे रिहा कर दिया गया। आशीष को अदालत ने गवाही के लिए जमानती वारंट से तलब किया था।


क्या है मामला……….


विशेष न्यायाधीश अजयकांत पांडे ने राहुल यादव द्वारा हायर सेकेण्ड्री में पूरक की पात्रता के बावजूद फर्जी तरीके से पीएमटी पास कर जीआर मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिए जाने के मामले में आशीष चतुर्वेदी को जमानती वारंट से तलब किया था। इस मामले में एसआईटी के जांच अधिकारी समीर पाटीदार की गवाही होने के बाद 1.15 बजे जब आशीष चतुर्वेदी अदालत में हाजिर नहीं हुआ तब शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक गिरीष शर्मा की ओर से न्यायालय को यह निवेदन किया जा रहा था की साक्षी आशीष को कई अवसर दिए जा चुके हैं इसलिए उसकी साक्ष्य को समाप्त किया जाए। तभी कोर्ट में आशीष उपस्थित हुआ न्यायालय ने उसे कहा कि वह साक्ष्य देने के लिए शपथ लें और साक्ष्य प्रारंभ करें। इसके लिए वह विटनेस बॉक्स में उपस्थित हों परंतु उसने साक्ष्य देने से इंकार कर दिया। इस मामले में राहुल यादव की ओर से एडवोकेट संजय शर्मा उपस्थित थे।


कोर्ट ने कहा साक्ष्य देने से इंकार करना अपराध……….


न्यायाधीश अजय कांत पांडे ने कहा कि आरोपी द्वारा साक्ष्य देने से इंकार किया जाना दंडनीय अपराध है। इस पर उसे दो सौ रुपए का अर्थदंड लगाए जाने का नोटिस दिया गया। इसके बाद कोर्ट ने उस पर जुर्माना लगाया, जुर्माना अदा न करने पर उसे 15 दिन की सजा सुनाई गई।


आशीष ने कहा पहले मेरे आवेदन का निराकरण करें………..


आशीष द्वारा न्यायालय में एक आवेदन दिया गया जिसमें प्रार्थना की गई कि जांच एजेंसी को निर्देशित किया जाए कि वह इस मामले में प्रोग्रेस रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करे। इससे पूर्व आशीष द्वारा एक आवेदन प्रस्तुत कर कहा गया था इस मामले में बिना दस्तावेजों के राहुल यादव को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए जिम्मेदार मेडिकल कॉलेज की कमेटी के सभी पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। आशीष ने कहा कि उसके आवेदन का निराकरण किया जाए इसके बाद वह गवाही देगा।


29 की गवाही पूरी,केवल आशीष की गवाही शेष……….


अदालत ने कहा कि इस मामले में 29 गवाहों की गवाही हो चुकी है। केवल आशीष की गवाही नहीं हो सकी है। जब पुलिस द्वारा अन्य अभियुक्तगण के खिलाफ अभियोग प्रस्तुत किया जाएगा तब उसके संबंध में विचारण प्रारंभ किया जाएगा। अभी तो इस मामले की सुनवाई की जाना है। साक्षी प्रत्येक स्थिति में गवाही देने से इंकार किया गया है। इसलिए उसे दंडित किया गया। इसके बाद उसका वारंट बनाकर जेल भी भेज दिया गया। एक घंटे बाद ही दो सौ रुपए जमा करने पर अदालत ने आशीष को रिहा किए जाने के आदेश दिए।

Live Share Market :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

लोकायुक्त ने तहसीलदार को एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा

बता दे कि मध्यप्रदेश में लगातार रिश्वत के मामले सामने आ रहे है। हाल ही में सागर (Sagar) में मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड...

बड़ी कामयाबी:क्राइम ब्रांच ने 2 करोड़ 10 लाख की स्मैक के साथ,8 अंतर्राज्यीय तस्कर दबोचे

बता दें कि ये लोग उत्तर प्रदेश के इटावा और मैनपुरी से स्मैक ला रहे थे, फिलहाल मामले में पुलिस पूछताछ कर रही है,...

खुद के बुने जाल में फंसे दोनों टीआइ,कानून हाथ में लेना भारी पड़ा,एक लाइन अटैच दूसरा सस्पेंड

बता दें कि टीआई दतिया रत्नेश को नियम अनुसार कंपू थाने में शिकायत दर्ज करा आरोपी को कंपू पुलिस सौपना चाहिए था। लेकिन बिना...

बदमाशों ने दतिया में पदस्थ टीआई का मोबाइल लूटा,SP ने कंपू थाना प्रभारी को लाइन में बैठाया

ग्वालियर/मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में बदमाशों के हौंसले इतने बुलंद है कि पुलिस अफसरों को भी निशाना बनाने से नही चूक रहें हैं। दरअसल,कंपू...
error: Content is protected !!