ग्वालियर/मध्यप्रदेश……
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी करने पर 12 पुलिस अधिकारियों कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
यह आदेश मप्र उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने राजवीर सिंह की याचिका पर दिया है।
वही कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी के शपथ पत्र पर अलग से जवाब पेश करने को कहा है यह सभी पुलिस अधिकारी अप्रैल 2016 से लेकर अब तक करैरा थाने में पदस्थ रहे हैं
अब मामले की अगली सुनवाई 3 मई को की जाएगी।
क्या था मामला……..
दरअसल, मामला 2013 का है। सब इंस्पेक्टर हुकुम सिंह ने करैरा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी कि तत्कालीन एएसआई राजवीर सिंह और सिपाही राघवेंद्र शुक्ला ने उन पर गोली चलाई है।
इस मामले को आईजी ग्वालियर ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।लेकिन तत्कालीन एएसआई राजवीर सिंह और सिपाही राघवेंद्र का कहना था कि उन्हें खबर मिली थी कि हुकुम सिंह डकैतों के साथ मिला हुआ है और डकैत पास ही के क्षेत्र में छिपे हुए है। जब वे वहां कार्रवाई करने पहुंचे तब डकैतों ने उन पर गोली चलाई और जवाबी कार्रवाई में उन्होंने भी गोली चलाई , लेकिन हुकुम हमारी गोली से नही बल्कि डाकुओं की गोली से घायल हुए थे।इसलिए पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट को निरस्त करने की मांग की। इसके लिए उन्होंने कोर्ट में याचिका भी दायर की। इस पर कोर्ट ने इसी से जुड़े हुए मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में की गई कार्यवाही की जानकारी मांगी।
लेकिन मप्र हाईकोर्ट के 27 फरवरी 2013 के आदेश के परिपालन में जांच अधिकारी ने 24 दिसंबर 2013 को खात्मा रिपोर्ट तैयार की परंतु ना तो पुलिस अधीक्षक को भेजी और न ही कोर्ट में पेश की
वही थाने के रजिस्टर में इस मामले का कोई उल्लेख नहीं किया गया, जिसके चलते मामले की जानकारी उनको नहीं लगी।हालांकि खात्मा रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले के सह-आरोपी राघवेंद्र शुक्ला के पक्ष में कोर्ट ने आदेश नहीं दिया है, इसके चलते जांच को लंबित रखा गया।
12 पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस…….
इस पूरे मामले पर कोर्ट ने इस पर बुधवार को सुनवाई करते हुए 12 पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। और उनसे पूछा है कि उनके खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए।
अब अगली सुनवाई 3 मई को की जाएगी, जिसमे अधिकारियों को नोटिस का जवाब देना है।
इन अधिकारियों को नोटिस जारी…….
-पीएस तोमर (टीआई)
-कैलाश बाबू आर्य (टीआई)
-पीपी मुदगल (टीआई)
-हुकुम सिंह यादव (सब-इंस्पेक्टर)
-आरएस भदौरिया (सब-इंस्पेक्टर)
-ओपी आर्य (टीआई)
-संजीव तिवारी (टीआई)
-प्रदीप वाल्टर (टीआई)
-नवल सिंह (सब-इंस्पेक्टर)
-भगवान लाल (सब-इंस्पेक्टर)
-राघवेंद्र यादव (सब-इंस्पेक्टर)
-जूली तोमर (सब-इंस्पेक्टर)।
