Home News Headlines जिम्मेवार कौन ?? लॉक डाउन में ड्यूटी करता रहा पुलिसकर्मी पिता,बेटी ने...

जिम्मेवार कौन ?? लॉक डाउन में ड्यूटी करता रहा पुलिसकर्मी पिता,बेटी ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ा

“बता दें कि पुलिस आरक्षक जारोलिया ने बताया कि पुत्री आठ महीने से मिर्गी से पीड़ित थी एक सप्ताह से उसे बुखार और सर्दी-जुखाम था वहीं, उन्होंने बताया कि घर में उनके बेटे का भी इलाज चल रहा है”



दमोह/मध्यप्रदेश……………


मध्यप्रदेश के दमोह से दिल को झंझखोर देने वाली खबर आ रही है। बड़ा सवाल यह उठता है कि इस घटना का जिम्मेवार कौन ?????? हमारा सिस्टम या अपने एयर कंडीशनर कमरों में बैठे उच्च अधिकारी दरअसल,लॉकडाउन की ड्यूटी कर रहा एक पुलिस कर्मी अपनी बेटी का इलाज नहीं करा पाया। अस्पताल में बेटी की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। पुलिसकर्मी के बेटे की हालत भी गंभीर बनी हुई है। जब पिता को बेटी की यह जानकारी मिली तो वह ड्यूटी छोड़कर अस्पताल पहुंचा। वर्दी में ही पिता बेटी का पीएम कराने पोस्टमाॅर्टम गृह पहुंचा। बेटी की मौत के गम में आरक्षक बार-बार अपने वरिष्ठ अधिकारियों की मनमानी और छुट्टी नहीं मिलने की बात कह रहा था।


क्या है पूरा मामला………………


प्राप्त जानकारी के अनुसार,लॉकडाउन होने से पुलिस जवानों को छुट्टी नहीं मिल रही है, जिससे वे परिवार का भी ख्याल नहीं रख पा रहे हैं। पुलिस लाइन निवासी आरक्षक श्रीराम जारोलिया की 14 वर्षीय बेटी राधिका को रविवार सुबह आरक्षक की पत्नी शीला और बेटा हिमांशु जिला अस्पताल लेकर आया, यहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। आरक्षक ने बताया कि उसकी बेटी को 15-20 दिन पहले सर्दी जुकाम था, जिसका इलाज कराकर दवा ली थी तो ठीक हो गई थी। उस समय भी मुझे छुट्टी नहीं मिली थी, एक बार फिर बेटी की तबियत बिगड़ी थी तो अधिकारियों से शहर में ड्यूटी लगाने के लिए बोला था,लेकिन न तो छुट्टी मिली,न ही ड्यूटी शहर में लगाई गई। यदि शहर में ड्यूटी लगाई जाती तो मैं अपने परिवार का ख्याल रख पाता, लेकिन आज भी मेरी ड्यूटी गढ़ाकोटा सीमा पर लगाई गई थी। शुक्रवार सुबह बेटी की तबीयत फिर बिगड़ गई। लेकिन ड्यूटी से टाइम न मिलने के कारण उसका ठीक से इलाज भी नहीं करा पाया। सूचना मिली कि बेटी को लेकर पत्नी और बच्चे अस्पताल गए हैं, तो मैं जिला अस्पताल पहुंचा,तब तक उसने दम तोड़ दिया। वहीं,बहन की मौत होने पर भाई हिमांशु की भी तबीयत बिगड़ गई। राधिका दूसरे नंबर की बेटी थी, उससे छोटी एक और बेटी है। आरक्षक ने कहा कि इसके पहले मेरी तबीयत बिगड़ी थी, उस समय छुट्टी मांगी थी। बेटी की तबीयत बिगड़ने पर छुट्टी मांगी थी। आरआई अपने कार्यालय में नहीं बैठते हैं और मनमानी करते हैं। एएसपी और एसपी से बात की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।


इनका कहना…………..


दमोह एसपी विवेक लाल ने बताया कि आरक्षक जारोलिया की ड्यूटी शहरी क्षेत्र में ही सागर नाका चौकी पाइंट पर लगाई गई थी। जो शहर में ही है उन्होंने बेटी के बीमारी की जानकारी नहीं दी और ना ही अवकाश के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। जिससे उनका आरोप निराधार है।

Live Share Market :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

IPS सचिन अतुलकर को,डीआईजी ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार

भोपाल/मध्यप्रदेश। राज्‍य शासन के गृह विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा के 2007 बैच के अधिकारी सचिन अतुलकर सेनानी 7 वीं वाहिनी विसबल,भोपाल को सहायक पुलिस...

बड़ी कामयाबी:अंतर्राज्यीय हाईवे डकैती गिरोह का पर्दाफाश,15 करोड़ से अधिक के मोबाइल फोन जप्त

♠पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय लूट का बड़ा खुलासा किया है, पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 करोड़ के मोबाइल फोन बरामद किए हैं।...

विनम्र श्रद्धांजलि:डबरा एसडीएम राघवेंद्र पांडे का कोरोना से निधन,इलाज के दौरान दम तोड़ा

बता दें कि एसडीएम श्री पांडे के निधन की यह खबर सुनते ही पूरे जिले के प्रशासनिक एवं मीडिया जगत में दुख की लहर...

हत्या या हादसा:TI ने लॉकअप में बंद युवक को गोली मारी,मौत,SP हटाए गए,परिजन को 10 लाख की आर्थिक सहायता

बता दें कि चोरी के संदेह पर सतना जिले के सिंहपुर थाना के लॉकअप में बंद एक युवक की थानेदार की सर्विस रिवॉल्वर से...

Recent Comments

error: Content is protected !!