जोधपुर/राजस्थान……
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को गुरुवार को जोधपुर अदालत ने 1998 के काले हिरण केस के अंतर्गत दोषी करार दिया है फिल्म हम साथ-साथ की शूटिंग के दौरान ये घटना हुई थी घटना के समय मौजूद सलमान के सह-कलाकार सैफ अली खान, सोनाली बेन्द्रे, तब्बू और नीलम को कोर्ट ने बरी कर दिया ये फैसला घटना के 20 साल बाद आया है।
इस मामले में सलमान खान को 5 साल की सजा व 10 हज़ार का जुर्माना हुआ है।
आपको बता दें कि इस मामले में सलमान को कोर्ट तक पहुंचाने वाला राजस्थान का बिश्नोई समाज है बिश्नोई समाज प्रकृति और जानवरों के प्रति अपनी गहन श्रद्धा के लिए जाना जाता है प्रकृति प्रेमी और विष्णु-उपासक बिश्नोई समाज ने ही काले हिरण शिकार मामले में सलमान को कोर्ट तक पहुंचा दिया।
अन्य कलाकारों के खिलाफ अपील करेगा विश्नोई समाज………
इसके अलावा बिश्नोई समाज ने घटना से जुड़े दूसरे बरी कलाकारों, सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेन्द्रे के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है।
विश्नोई समाज के नियम एवं इतिहास……..
-बिश्नोई का 8वां नियम कहता है कि जैवविविधता और जानवरों की रक्षा करें।
-19वां नियम कहता है कि पेड़ न काटें, पर्यावरण को बचाएं।
-22वां नियम कहता है कि जानवरों की रक्षा करें. बेसहारा जानवरों को सहारा दें ताकि उन पर कोई अत्याचार न कर सके।
-28वें नियम के तहत मांस न खाएं और हमेशा शाकाहारी रहें।
बिश्नोई समाज की स्थापना 15वीं शताब्दी में गुरु जम्बेश्वर ने किया हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि बिश्नोई शब्द विष्णु से निकला है जो कि बिश्नोई समाज के मुख्य देवता माने जाते हैं।
ये भी माना जाता कि बिश्नोई शब्द बीश यानी बीस और नोई यानि नौ से मिलकर बना है जो साथ में 29 बनता है। कहा जाता है कि बिश्नोई समाज के गुरु जम्बेश्वर ने 29 नियम बनाएं थे जिसका पालन करना हर बिश्नोई का धर्म होता है।
यही वो सारे नियम है जिसके तहत बिश्नोई समाज जानवरों और प्रकृति के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा रखता है और इसीलिए बिश्नोई समाज ने सलमान को काले हिरण मामले में कोर्ट तक पहुंचाया।
